शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

अजा, अजजा का आरक्षण 10 साल बढ़ाने का संकल्प पारित

 विधानसभा का विशेष सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित


मध्यप्रदेश विधानसभा में आज अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए  आरक्षण  की अवधि 10 साल बढ़ाने का संकल्प सर्वसम्मति से चर्चा के बाद पारित कर दिया. चर्चा में सत्ता पक्ष के अलावा विपक्षी सदस्यों ने भी भाग लिया. इसके बाद दो दिवसीय विशेष सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने की. 
विधि एवं विधायी कार्य  मंत्री पी.सी.शर्मा ने इस संबंध में सदन में संकल्प पेश किया, जिस पर सदन में सत्ता पक्ष के अलावा विपक्षी सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया. चर्चा में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण संशोधन संकल्प में कंडीशन रखी है. जैसा केंद्र सरकार से प्रस्ताव था वैसा नहीं रखा गया, किंतु-परंतु जोड़ा गया, संशोधन संकल्प जैसा लोकसभा और राज्यसभा से पारित हुआ है, वैसा ही यहां पारित होना चाहिए था. वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरन शर्मा ने कहा जिस तरह से कानून मंत्री शर्मा ने संकल्प पेश किया उससे उनकी नियत साफ नहीं दिखती. विधि मंत्री ने जो संकल्प पेश किया है उसमें कुछ गलतियां हैं. संकल्प को संशोधन कर फिर से पेश किया जाए.
कांग्रेस विधायक कांतिलाल भूरिया ने सदन में चर्चा के दौरान कहा कि मनुवादियों ने अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग को आगे नहीं बढ़ने दिया. पीएससी में भी मनुवादी विचारधारा के लोग बैठे हैं, जिन्होंने इस तरह के सवाल रखे है. इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोंकझोंक हुई. विपक्ष ने कांतिलाल भूरिया के मनुवादी कहने पर आपत्ति जताई. हालांकि बाद में सदस्य शांत हो गए. 
विधि मंत्री पी.सी.शर्मा ने संकल्प पेश करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 334 के खंड (ख) के प्रावधान की अवधि दस वर्ष और बढ़ाई जाए. इस खंड में विधायी सदनों में आरक्षण  का प्रावधान है. इस संकल्प पर सदन में काफी देर तक चर्चा चली.इसके बाद संकल्प को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने विशेष सत्र के अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा कर दी.

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