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| गोपाल भार्गव |
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने नई आबकारी नीति पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने शहरों और गांवों में कुकरमुत्तों की तरह शराब दुकानें खोलने का फैसला लिया है. सरकार यह फैसला वापस लें, नहीं तो भाजपा मुख्यमंत्री निवास पर धरना देगी. वहीं सरकार की ओर से सामान्य प्रशासन मंत्री गोविन्द सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार प्रदेश में फिलहाल शराबबंदी करने जैसा कोई फैसला नहीं ले रही है.
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार चुनाव के समय घोषणा पत्र में किए गए वादे के उलट काम कर रही है. चुनाव घोषणापत्र में कांग्रेस ने वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनेगी, तो मध्यप्रदेश को एक शराब मुक्त प्रदेश बनाएंगे, लेकिन इसके उलट धार्मिक स्थानों पर शराब बिक्री शुरू कर दी गई है, इससे सरकार का राजस्व थोड़ा-बहुत बढ़ेगा, लेकिन लोगों का चारित्रिक पतन 1 हजार गुना ज्यादा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार अब हर 5 किलोमीटर पर शराब दुकान खोलने जा रही है.
भार्गव ने कहा कि कांग्रेस के एक साल के शासनकाल में कुकुरमुत्तों की तरह गांव-गांव शराब दुकानें खोलने का फैसला लेकर प्रदेश को शराब युक्त बना दिया. उन्होंने मांग की कि कमलनाथ सरकार यह फैसला वापस ले, नहीं तो भारतीय जनता पार्टी इसका विरोध करेगी और मुख्यमंत्री निवास पर धरना देगी.
गौरतलब है कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस पार्टी ने राज्य की जनता से वादा किया था कि अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार प्रदेश में बनी तो पूरे प्रदेश में शराब पर पाबंदी लगा दी जाएगी, लेकिन अभी तक इस ओर कोई पहल नहीं की गई है. हालांकि समय-समय पर ये सुनने को जरूर मिलता है कि शराबबंदी के बाद होने वाले राजस्व घाटे की समीक्षा की जा रही है, ताकी शराबबंदी के बाद आर्थिक बोझ न झेलना पड़े.
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| गोविन्द सिंह |
नेता प्रतिपक्ष द्वारा नई आबकारी नीति का विरोध किए जाने के बाद राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री गोविन्द सिंह ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल शराबबंदी नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा है कि शराब पर प्रतिबंद्ध लगाने से आर्थिक नुकसान होगा. सरकार की स्थिति अभी ऐसी नहीं है कि प्रदेश में शराबबंदी की जा रही. आर्थिक स्थिति ठीक होने पर शराबबंदी करने पर विचार किया जाएगा. गोविंद सिंह के बयान से ये स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश में फिलहाल शराबबंदी नहीं की जाएगी.
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| शिवराज सिंह चौहान |
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर शराब की उपदुकानें खोलने के फैसले पर आपत्ति जताई और कहा कि सरकार यह फैसला वापस ले. शिवराज ने लिखे अपने पत्र में कहा है कि आपकी सरकार ने शराब की उपदुकानों की अधिसूचना जारी कर दी है. इस फैसले से करीब दो से ढ़ाई हजार शराब की नई दुकानें खुलने जा रही है. उन्होंने लिखा है कि शराब की उपदुकानें खुलने से राज्य तबाह हो जाएगा और बर्बाद होने की कगार पर आ जाएगा. यदि सरकार ने लिए फैसले को वापस नहीं लिया तो इस पर भाजपा जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी. शिवराज ने पत्र में लिखा है कि शराब उपदुकानों को खोलने के फैसले के अत्यंत घातक और दूरगामी प्रतिकूल प्रभाव होंगे. इस फैसले से मध्यप्रदेश, मदिरा प्रदेश में बदल जाएगा.
शिवराज राजनीति कर जनता को कर रहे भ्रमित
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| नरेन्द्र सलूजा |
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर शराब दुकानों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि शराब की उपदुकानों को खोलने का फैसला अवैध शराब की की बिक्री को रोकने, उससे होने वाली जनहानि को रोकने और इसके कारण होने वाले विवाद को रोकने के लिए लिया गया है. उन्होंने कहा कि जारी की गई अधिसूचना में स्पष्ट है कि जहां पर अवैध शराब की तस्करी की रिपोर्ट है, वहीं शराब की उपदुकान खोलने की मंजूरी मिलेगी. यह निर्णय एक अच्छे उद्देश्य के साथ लिया गया है, लेकिन शिवराज सिंह इस पर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चौहान और भाजपा सत्ता में नहीं है, विपक्ष में हैं, तो शराब




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