
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य के मंत्री सत्ता के नशे में चूर है. मंत्री जीतू पटवारी और पी.सी. शर्मा तो मंत्री पद के लायक नहीं है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज राजधानी भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कही. पूर्व मुख्यमंत्री ने देवास और हरदा में घटित घटनाओं को लेकर कहा कि मंत्री जीतू पटवारी और पीसी शर्मा मंत्री पद पर रहने के काबिल नहीं है. गाड़ी बंगला अधिकार मिले हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि किसी को डांटने और अपमानित करने का अधिकार मिला हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों को गाड़ी, बंगले अधिकार मिले हैं तो क्या ये किसी को डांटने और अपमानित करने के लिए हैं. ये सब जनता और प्रदेश के विकास के लिए मिले हैं, लेकिन सारे सुख मिलने के बाद कांग्रेस के मंत्री सत्ता के नशे में इतने चूर हो गए हैं कि कुछ दिखाई नहीं देता. कांग्रेस का साधारण कार्यकर्ता जिला योजना समिति की बैठक में शामिल होता है. वहीं विपक्ष के विधायक, सांसद से कहा जाता है कि उनके कार्यकर्ताओं के बाद बैठ जाओ. बैठक में भाजपा सांसद और विधायक सवाल उठाते हैं तो डांट दिया जाता है. आखिर बैठक नियम प्रक्रियाओं के अंतर्गत चलेगी या नहीं चलेगी.
उल्लेखनीय है कि देवास में जिला योजना समिति की बैठक में जीतू पटवारी का क्षेत्रीय सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के साथ विवाद हुआ था, जिसके बाद जीतू पाटवरी ने महेंद्र सिंह सोलंकी को बैठक से बाहर निकालने की धमकी दी थी. वहीं दूसरी घटना हरदा की है. जहां पर मंत्री पीसी शर्मा ने एक कार्यकर्ता को डांटकर वहां से भगा दिया था.
मुझे क्या करना है यह कमलनाथ तय करेंगे
शिवराज के बयान के बाद उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मुझे क्या करना है और किस ऊंचाई तक पहुंचना है, ये मुख्यमंत्री कमलनाथ तय करेंगे, लेकिन में इतना कह सकता हूं कि हमारी सरकार व्यापमं जैसा कोई काम नहीं करेंगे. किसानों पर भी कभी गोली हमारी सरकार नहीं चलवाएगी.
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