बुधवार, 8 जनवरी 2020

बुजुर्गों के लिए घर तक राशन पहुंचाएगी सरकार

80 साल की उम्र होना जरुरी, व्यस्क घर पर नहीं होगा तभी घर पहुंचाया जाएगा राशन

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार राज्य के ऐसे बुजुर्गों जिनकी आयु 80 साल है, उन्हें घर पर राशन पहुंचाएगी. सरकार की इस योजना का लाभ उन बुजुर्गों को ही मिलेगा, जिनके घर में कोई वयस्क नहीं होगा.
यह जानकारी आज राज्य के खाद्य मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने अपने विभाग का लेखा-जोखा जारी करते हुए दी. तोमर ने बताया कि राशन दुकान संचालक की यह जिम्मेदारी होगी कि वह राशन कार्ड में दर्ज बुजुर्गों को चिन्हित कर उनकी सूची बनाए, जिससे हर माह उनका राशन ‘होम डिलेवरी’ के तहत घर तक पहुंचाया जा सके. तोमर ने बताया कि उन्हीं बुजुर्गों को राशन की ‘होम डिलेवरी’ की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिनकी आयु 80 साल की होगी. इसके अलावा उनके घर में कोई वयस्क नहीं होगा. मंत्री ने बताया कि खाद्य विभाग अब ऐसे बुजुर्गों को राशन कार्ड के आधार पर चिन्हित कर रहा है, जिनके घर पर वयस्क नहीं है. उन्होंने बताया कि ऐसे बुजुर्गो को राशन पहुंचाना सरकार और खाद्य विभाग की जिम्मेदारी है.
11 राज्यों में राशन पा सकेंगे प्रदेश के उपभोक्ता
खाद्य मंत्री तोमर ने बताया कि जनवरी 2020 से प्रदेश में राशन उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अंतर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू की जा रही है.  इस व्यवस्था में प्रदेश के उपभोक्ता देश के 11 राज्यों आन्ध्रप्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में भी अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही, इन 11 राज्यों के उपभोक्ता मध्यप्रदेश में राशन ले सकेंगे.  तोमर ने बताया कि इस योजना में उपभोक्ता राशन पूर्व निर्धारित मात्रा में पूर्व निर्धारित दर गेहूं 2 रुपए, चावल 3 रुपए और मोटा अनाज एक रुपए प्रति किलोग्राम पर प्राप्त कर सकेंगे.
केन्द्र से मांगा अतिरिक्त खाद्यान का आवंटन
तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में पोर्टल पर 1,65,438 नवीन परिवारों को सम्मिलित कर योजना का लाभ दिया गया. वर्तमान में 5.46 करोड़ हितग्राहियों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनसंख्या अनुसार 75 प्रतिशत आबादी (5 करोड़ 46 लाख) को ही लाभांवित करने का प्रावधान है. वर्ष 2018 की अनुमानित जनसंख्या 8 करोड़ 23 लाख हो गई है, जिसका 75 प्रतिशत कुल 6 करोड़ 17 लाख आबादी होता है. इस प्रकार, 71 लाख हितग्राहियों के लिये खाद्यान्न आवंटन प्राप्त नहीं हो रहा है. वर्तमान में 66 प्रतिशत हितग्राहियों को ही लाभ मिल पा रहा है, जो अधिनियम के अनुसार 9 प्रतिशत कम है.  इन 71 लाख हितग्राहियों के लिए अतिरिक्त खाद्यान आवंटन की मांग भारत सरकार से की गई है.
केन्द्र ने लगाई नए कनेक्शन देने पर रोक
मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में प्रदेश में विगत एक वर्ष में 18 लाख 78 हजार पात्र परिवारों को कुकिंग गैस कनेक्?शन प्रदाय किए गए. अभी तक कुल 71 लाख 39 हजार पात्र परिवारों को गैस कनेक्शन जारी किए गये हैं. उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार ने योजना में नवीन गैस कनेक्शन देने पर रोक लगा दी है.

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