मंगलवार, 21 जनवरी 2020

मां और भाई को फंसाने के लिए लिखा था सांसद को पत्र

डा. सैय्यद अब्दुल रहमान 


मध्यप्रदेश के भोपाल की भाजपा की सांसद प्रज्ञा सिंह को धमकी भरा पत्र लिखकर, केमिकल भेजने वाला डा. सैय्यद अब्दुल रहमान को एटीएस ने रिमांड पर लिया है. एटीएस से पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने परिजनों मां और भाई को फंसाना चाहता था, इसलिए उसने यह पत्र लिखा था. 
भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को धमकी भरा पत्र भेजने वाले आरोपी डा. सैय्यद अब्दुल रहमान को एटीएस महाराष्ट्र के नांदेड से गिरफ्तार कर राजधानी भोपाल लाई. एटीएस ने उसे अदालत में पेश किया और 7 दिन के लिए रिमांड पर लिया है. रहमान पूछताछ में एटीएस को असहयोग कर रहा है, यह बात भी सामने आई है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एटीएस राजेश कुमार गुप्ता ने बताया अभी तक की पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि आरोपी सैयद अब्दुल रहमान का अपने भाई हफीजर्उरहमान एवं मां नासेहा बेगम के साथ सम्पत्ति और शादी की वजह से विवाद चल रहा था. अनबन होने से अब्दुल रहमान के खिलाफ उसके भाई ने वर्ष 2014 में नांदेड में हत्या के प्रयास संबंधी रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें आरोपी को 18 दिन जेल में भी रहना पड़ा था. इन सभी बातों से परेशान होकर आरोपी अब्दुल रहमान ने अपने भाई हफीजर्उरहमान, मां नासेहा बेगम तथा इन सभी का साथ देने वाले निकट संबंधियों व पड़ौसियों से बदला लेने की नीयत से कूट रचित दस्तावेज तैयार किए और इन सभी को फसाने का कुचक्र रचा.  
 गुप्ता ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी अब्दुल रहमान ने वर्ष 2019 में एक पत्र अंसार उल मुसलमीन नामक संगठन के नाम से अपने भाई के कालेज  के चांसलर को भेजा था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसके द्वारा नांदेड के पुलिस अधीक्षक व डीएसपी को भी पत्र भेजे गए थे, मगर इन पत्रों को भी संज्ञान में नहीं लिया गया अर्थात इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद आरोपी अब्दुल रहमान ने इंटरनेट पर खोजबीन कर अक्तूबर 2019 में कश्मीर के भाजपा नेता, साध्वी प्राची एवं भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर को पत्र भेजे.
गुप्ता ने बताया अब्दुल रहमान द्वारा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को भेजे गए लिफाफे में उर्दू भाषा का एक पत्र, अपने भाई हफीजर्उरहमान की मार्कशीट व अन्य दस्तावेज एवं मां नासेहा बेगम का वोटर आईडी कार्ड रखे थे. इन सभी दस्तावेजों को आरोपी अब्दुल रहमान द्वारा कूटरचित कर भेजा गया था, ताकि भाई और मां को फंसाया जा सके. लिफाफे में आरोपी द्वारा अपने निकट संबंधियों एवं परिवार का साथ देने वाले पड़ौसियों के नाम और फोटो भी भेजे गए थे. उसने कुछ फोटो इंटरनेट से एवं कुछ फोटो व्हाटसएप डीपी से प्राप्त किए थे. पत्र के साथ अगरबत्ती के पैकेट के अंदर वाले पालीथीन के पाउच में एक पाउडर जैसा रासायनिक पदार्थ भी भेजा था, जिसे आरोपी ने पटाखों की दुकान पर मिलने वाले बच्चों के छोटे पटाखों के अंदर वाली बारूद होना बताया. पत्र के अंदर प्राप्त मटेरियल को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है.
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले साध्वी प्रज्ञा के भोपाल स्थित आवास पर उर्दू में लिखा एक धमकी भरा खत मिला था. यह खत साध्वी को पिछले साल अक्तूबर में ही भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इसे 13 जनवरी को देखा था. इस प्रकरण की प्रारंभिक जांच भोपाल पुलिस ने की थी लेकिन बाद में यह पूरा मामला एटीएस के सुपुर्द कर दिया गया था.

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