सोमवार, 13 जनवरी 2020

कांग्रेस को नहीं,जनता को समझाएं सीएए व एनआरसी

मुख्यमंत्री कमलनाथ का गृह मंत्री अमित शाह पर पलटवार

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वे नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी  को लेकर कांग्रेस को नहीं, बल्कि इस देश की जनता को समझाने का प्रयास करें. कमलनाथ ने अमित शाह के जबलपुर में जनसभा के दौरान कही गई बातों पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि बेहतर होता कि  अमित शाह सीएए के समर्थन में रैली और जनसभा के लिए उन राज्यों में जाते, जहां इस कानून को लेकर निरंतर विरोध स्वरुप हिंसा हुई है. 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कल रविवार को गृहमंत्री अतिम शाह जबलपुर में अपना राजैतिक  उद्बोधन दे रहे थे, वे  कांग्रेस के नेताओं को आंख के अंधे कान के बहरे कह रहे थे और  कौवे की उपमा दे रहे थे. उनका यह उद्बोधन न तो उनकी पद की गरिमा के अनुरूप था न ही संस्कारधानी के संस्कारों के अनुरूप. मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर ने कहा है ‘सांच बराबर तप नहीं और झूठ बराबर पाप.’ गृह मंत्री ने यह भी असत्य कहा कि  कांग्रेस पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए धार्मिक आधार पर प्रताड़ित हिंदुओं, सिखों, जैन, क्रिश्चियन, बौद्ध, पारसी  की नागरिकता के खिलाफ है, जबकि कांग्रेस ने कभी इस बात का विरोध नहीं किया कि वो  पड़ोसी देशों के धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किए गए लोगों को  नागरिकता दिए जाने का विरोध करती है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार जब भी केंद्र में रही है तब हमनें हमेशा बिना धर्म और जाति के विभेद के नागरिकता प्रदान की है.  कांग्रेस ने हमेशा से कहा है कि ऐसा कोई कानून नहीं लाया जाना चाहिए जो बाबा साहब के संविधान की मूल भावनाओं के खिलाफ हो जो देश के नागरिकों में धर्म , जाति और भाषा के आधार पर विभेद पैदा करता हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्री ने कल गेहूं खरीदी और किसानों के मुआवजे का भी जिक्र किया.  देश के गृहमंत्री भलीभांति जानते है कि उनको जो मेमोरेंडम 6621 करोड़ का किसानों के मुआवजे का मैंने स्वयं ने सौपा है, उसमें से उन्होंने सिर्फ 1 हजार करोड़ रुपए दिए है. वहीं गृहमंत्री यह भी भली भांति जानते हैं कि मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों को गेहूं पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने का हवाला देकर केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी में कटौती कर दी. उन्होंने कहा कि  हम समझ सकते हैं, राज्यों में मिल रही लगातार हार गृहमंत्री की इस अमर्यादित निराशा का कारण है.
जनता मेरी उम्र नहीं मेरे काम देख रही 
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि गृह मंत्री अतिम शाह ने ने  उम्र  लेकर भी कुछ बात कही है, तो मुझे एक किस्सा याद आता है. एक बार ब्रिटेन के पूर्व  प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के 80 वें जन्मदिन की पार्टी में एक फोटोग्राफर उनसे मिला. फोटोग्राफर ने चर्चिल को शुभकामना देते हुए कहा कि वह आशा करता है कि सौवें जन्मदिन पर भी उसे चर्चिल की फोटोग्राफ उतारने का मौका मिलेगा.  चर्चिल ने तुरंत उसकी बात का जवाब देते हुए कहा कि नौजवान तुम तो अभी युवा हो और घबराओ मत, 20 साल में, तुम्हें कुछ नहीं होगा. बेहतर होता गृह मंत्री  जितना कठिन परिश्रम प्रतिपक्षियों की आलोचना करने में कर रहे हैं, उतना कठिन परिश्रम, गिरती हुई  अर्थव्यवस्था को सुधारने और रोजगार के अवसर सृजित करने में करते. उन्होंने कहा कि जनता मेरी उम्र नहीं, मेरा काम देख रही है. इसी उम्र में जनता ने मुझ पर विश्वास कर भाजपा के कई युवा नेताओं की उम्मीदों पर पानी फेरा है. 

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