शुक्रवार, 24 जनवरी 2020

अमानवीयता की हदें पार कर दी कांग्रेस सरकार ने



मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अमानवीयता के सभी हदें पार कर दी. मध्यप्रदेश में स्थिति अंग्रेजी शासनकाल से बद्दतर हो गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने सागर में आग से जले युवक धर्मप्रसाद के अंतिम संस्कार में जनप्रतिनिधियों को शामिल होने से प्रशासन द्वारा रोके जाने की निंदा करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा जिंदा जलाए गए  धर्मप्रसाद अहिरवार की अंतिम यात्रा में भाजपा के जनप्रतिनिधियों को प्रशासन ने शामिल होने से रोका गया. क्या शासन-प्रशासन की तानाशाही इस हद तक बढ़ गई है कि जनप्रतिनिधियों को अंतिम यात्रा तक में शामिल होने से रोका जाएगा. चौहान ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब हमें सांस लेने के लिए भी सरकार से इजाजत लेनी होगी. उन्होंने कहा कि मैं कमलनाथ सरकार से पूछना चाहता हूं कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों से आपको इतना डर लगने लगा है कि आप नागरिकों का दु:ख बांटने से भी रोकेंगे?
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन के लोग तब कहां थे जब एक दलित नागरिक को सरेआम जिंदा जलाया जा रहा था. तब वे हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे रहे, जब दोषियों पर मामला दर्ज करने की बारी आई. उन्होंने कहा कि अपराधियों पर शिकंजा कसने की जगह शासन-प्रशासन द्वारा हमेशा भाजपा के कार्यकर्ताओं को ही दबाया जाता है. चौहान ने कहा कि  प्रशासन के लोग कांग्रेस सरकार के दमनकारी आदेशों का पालन करने में तो हमेशा तत्पर रहते हैं, परंतु जब जनता के अधिकारों की रक्षा की बात आती है तो सभी बगलें झांकने लगते हैं. स्थिति अंग्रेजों के शासनकाल से भी बदतर हो गई है. शोषण, दमन, अत्याचार की पराकाष्ठा हो गई है. 
चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी हैं. अंतिम संस्कार में शामिल होना और नागरिकों का दु:ख बांटना भी अब इनके हिसाब से अपराध है. उन्होंने कहा कि जितनी लाठी-डंडे चलाना हो चलाओ, भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के हितों के लिए आखिरी सांस तक लड़ेगा. 

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