मंगलवार, 14 जनवरी 2020

मंडला कलेक्टर से नाराज हुए शिवराज, राज्यपाल को लिखा पत्र

शिवराज सिंह चौहान 
 विवाद के बाद कलेक्टर ने फेसबुक से हटाई पोस्ट

मध्यप्रदेश के मंडला के जिला कलेक्टर जगदीश जटिया द्वारा नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नाराज हैं. उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर कलेक्टर पर कार्रवाई की मांग की है.
सोशल मीडिया पर मंडला कलेक्टर जगदीश जटिया के नागरिकता संशोधन कानून को लेकर की गई टिप्पणी के बाद हंगामा खड़ा हो गया है.  भाजपा ने उनकी की गई टिप्पणी पर गहरी नाराजगी जताई है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंडला कलेक्टर पर दंडनीय कार्रवाई के लिए राज्यपाल को पत्र भी लिख दिया है. राज्यपाल को पत्र शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल लालजी टंडन को एक पत्र लिखकर मंडला कलेक्टर की शिकायत की है. शिकायत में उन्होंने सोशल मीडिया पर की गई उनकी टिप्पणी का उल्लेख किया है. साथ ही उन्होंने राज्यपाल से प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश राज्य सरकार को देने का निवेदन भी किया है. 
कलेक्टर मंडला की टिप्पणी से नाराज होकर शिवराज सिंह चौहान ने देर रात राज्यपाल को पत्र लिखते हुए
जगदीश जटिया
शिकायत की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कलेक्टर ने अपने फेसबुक पर लिखा है कि 'मैं खुद सीएए, एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता हूं '.  पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के उच्चतर मानदंड है. प्रशासनिक अधिकारी अपनी मयार्दा और सेवा नियमों के अंतर्गत कार्य करते हैं. भारतीय लोकतंत्र विश्व का विशालतम एवं परिपक्व लोकतंत्र है. लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न राजनीतिक दल अपने कार्यक्रम नीतियां इत्यादि बनाते हैं.

यह है पूरा मामला
मंडला कलेक्टर जगदीश जटिया ने अपने फेसबुक पेज पर फिल्म छपाक का पोस्टर अपलोड करते हुए लिखा है कि तुम चाहे जितनी घृणा करों हम देखेंगे छपाक़ इसके बाद उनके दोस्तों ने इस पर कमेंट करते हुए सीएए और एनआरसी को लेकर टिप्पणी की, जिसका जवाब देते हुए कलेक्टर ने सीएए और एनआरसी को लेकर अपनी बात कही. कलेक्टर ने अपनी पोस्ट में लिखा है मैं खुद भी  सीएए और एनआरसी का सपोर्ट नहीं करता हूं. कलेक्टर की यह पोस्ट वायरल हुई इसके बाद बवाल मच गया. भाजपा ने इसे लोकसेवा आचरण का खुला उल्लंघन मना और उनके इस्तीफे तक की मांग कर डाली.
सीएए, एनआरसी की जानकारी नहीं
फेसबुक पर पोस्ट करने के बाद जब विवाद बढ़ा तो मंडला कलेक्टर जगदीश  जटिया ने सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि सीएए और एनआसी के बो में कोई जानकारी नहीं है. मैंने ऐसे ही सोशल मीडिया पर डाला था. फिल्म छपाक को लेकर उन्होंने कहा कि फिल्म  देखने की इच्छा थी कि एसिड अटैक सर्वाइवर किस तरह से सर्वाइव कर रहे हैं. उनके जीवन को किस तरह से फिल्माया गया है, इसे कला पक्ष से देखना चाहता था. हालांकि जब कलेक्टर की पोस्ट को लेकर राजनीतिक विवाद गहराया तो उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट को हटा दिया.

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