गुरुवार, 23 जनवरी 2020

धन प्रसाद की मौत के लिए जिम्मेदार है सरकार: भार्गव

गोपाल भार्गव 

मध्यप्रदेश के सागर जिले में आपसी विवाद के चलते मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाए गए धन प्रसाद अहिरवार की उपचार के दौरान गुरुवार को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई. धनप्रसाद की मौत के लिए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्य की कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. 
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि आखिरकार मध्यप्रदेश में शासन प्रशासन की लापरवाही ने सागर के दलित युवक धन प्रसाद अहिरवार की जान ले ली.  उन्होंने कहा कि समय रहते कमलनाथ सरकार अगर दलित युवक की सुध ले लेती तो आज उस युवक की जान बचाई जा सकती थी. नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने कहा प्रदेश सरकार द्वारा वोटों के संतुष्टि करण और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण वर्ग विशेष पर कार्रवाई न करना दु:खद है. उन्होंने मृतक युवक के परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नोकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग की. 
सांप्रदायिक तुष्टिकरण की नीति ने ली धनप्रसाद की जान
राकेश सिंह 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि सरकार ने उसे ठीक से इलाज नहीं मुहैया कराया. ये बेहद दुखद और शर्मनाक है. सरकार की सांप्रदायिक तुष्टिकरण की नीति ने धनप्रसाद की जान ले ली. उन्होंने कहा कि यदि सागर के धनप्रसाद हिंदू नहीं होते, तो कमलनाथ सरकार एक पैर पर खड़े होकर उनके इलाज व सेवा में लगी होती, लेकिन दुर्भाग्य से इस सरकार के रहते अपराध व मानवता को भी सांप्रदायिक चश्मे से देखा जाता है. सरकार की सांप्रदायिक नीति हमारे अनुसूचितजाति के बंधु के जीवन पर भारी पड़ गई. 
कमलनाथ 
मुख्यमंत्री ने कहा परिवार को दी जाएगी हरसंभव मदद
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सागर निवासी युवक धनप्रसाद अहिरवार की दिल्ली में इलाज के दौरान दु:खद मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ. परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं.  दु:ख की इस घड़ी में परिवार के साथ सरकार खड़ी है. उन्होंने परिवार की हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं. वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पीड़ित को पहले सागर से भोपाल और बाद में एयर एम्बुलेंस से बेहतर इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट किया गया. सारा इलाज सरकारी खर्च पर. तत्काल आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई. उन्होंने कहा कि बड़ा ही शर्मनाक है कि इस युवक की मौत जैसे संवेदनशील मामले में भी भाजपा राजनीति कर झूठ बोल, क्षेत्र का माहौल खराब करने में लगी हुई है. भाजपा के पास अब कुछ बचा नहीं है इसलिए अब इस तरह की घटिया राजनीति पर उतर आयी है.
घर का चिराग चला गया, सरकार गिना रही एहसान
शिवराज सिंह चौहान 

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से पूछा है कि घटना के समय आपकी सरकार और पुलिस कहा थी? उन्होंने कहा कि अब ट्वीट कर एहसान जता रहे हैं कि हमारी सरकार ने मेडिकल सुविधा उपलब्ध करा दी, एयरलिफ्ट करा कर दिल्ली भेज दिया. घर का चिराग चला गया और सरकार एहसान गिना रही है. शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व भी धन प्रसाद के भाई की पत्नी के साथ इन्ही दबंगों ने मारपीट की तब भी यह सरकार मौन थी. उसी समय पुलिस ने जरूरी कदम उठाये होते, तो शायद आज मध्यप्रदेश को अपने एक नागरिक के जीवन से हाथ नहीं धोना पड़ता. कांग्रेस सीधे तौर पर अपराधियों को बचा रही है. 

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