गुरुवार, 23 जनवरी 2020

सरकारी स्कूलों में होगा संविधान की प्रस्तावना का वाचन



नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे सामाजिक वाद विवाद के बीच कमलनाथ सरकार ने फैसला किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में भारतीय संविधान की बेसिक जानकारी दी जाएगी. सरकार के इस आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इसे सरकार द्वारा उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया और मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रशंसा की. 
मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं. सभी शासकीय स्कूलों में प्रति सप्ताह शनिवार को संविधान की उद्देशिका का वाचन किया जाएगा. संविधान की उद्देशिका का वाचन हर सप्ताह शनिवार को प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों के जरिए  प्रार्थना के बाद तथा हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्राचार्य बाल-सभा के दौरान बच्चों को संविधान की उद्देशिका का वाचन कराएंगे. आपको बता दे कि कांग्रेस का दावा है कि नागरिकता संशोधन कानून भारत के संविधान की मूल भावना के खिलाफ बनाया गया है.
दिग्विजय ने की प्रशंसा
प्रदेश सरकार के हर शनिवार को सरकारी स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ाए जाने के फैसले को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ऐतिहासिक कदम बताया है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को देश के संविधान की जानकारी होना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस निर्णय के लिए बधाई देना चाहता हूं, ये सच में एक बहुत ही अच्छा निर्णय लिया गया है. संविधान की जरूरी जानकारी और महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज इस बात की बेहद जरूरत है कि, हम अपने युवाओं को देश के संविधान के बारे में समझाएं और कमलनाथ सरकार ने ऐसा कर एक सकारात्मक पहल की है.

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