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| ज्योतिरादित्य सिंधिया |
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने चार दिवसीय प्रदेश दौरे में काफी सक्रिय दिखाई दिए. उनकी सक्रियता और बयान से खलबली सी मच गई है. आज रविवार को उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में अभी बहुत काम होना बाकी है. अगर प्रदेश के विकास पर उनसे राय ली जाएगी तो वे जरुर देंगे. सिंधिया के इन बयानों से प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने चार दिवसीय प्रदेश के दौरे में ग्वालियर से लेकर राजधानी भोपाल तक का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों के अलावा मुख्यमंत्री कमलनाथ समर्थक मंत्रियों के यहां पहुुंचकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि प्रदेश में हम सब साथ हैं, मगर कई अवसरों पर उनके द्वारा दिए बयानों ने राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी. सिंधिया पिछले दिनों कमलनाथ समर्थक मंत्री सुखदेव पांसे के निवास पर पहुंचे थे. इसके बाद आज रविवार को वे चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. विजय लक्ष्मी साधौ के निवास पर पहुंचे. सिंधिया करीब 30 मिनट तक विजयलक्ष्मी साधौ के बंगले पर रहे. इस दौरान साधौ के पूरे परिवार से भी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात की. मुलाकात के सवाल पर सिंधिया बचते नजर आए तो वहीं मंत्री विजय लक्ष्मी साधौ का कहना था कि हमारे वरिष्ठ नेता हैं, अगर हमारे घर आते हैं तो हमें खुशी मिलती हैं. उन्होंने कहा कि वे सिर्फ चाय पीने आए थे, इसके अलावा और कोई भूमिका नहीं है.
सिंधिया की इन मुलाकातों के कई मायने निकाले जा रहे हैं. दो दिन पहले परिवहन मंत्री गोविंद सिंह के बंगले पर डिनर डिप्लोमेसी करते नजर आए थे. इसके बाद मंत्री सुखदेव पांसे के निवास पर पहुंचे और आज चिकित्सा शिक्षा और संस्कृति मंत्री विजय लक्ष्मी साधौ के घर ब्रेकफास्ट करने पहुंचे. इसके अलावा शुक्रवार को उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से भी मुलाकात करते हुए एक तरह से शक्ति प्रदर्शन कर दिया था.
नहीं ली राय, लेंगे तो देंगे: सिंधिया
डा. साधो के निवास के बाहर निकलते हुए सिंधिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने जिस विश्वास से हमें चुना है. हम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या कमलनाथ ने आपसे प्रदेश के विकास के बारे में क्या राय ली? तब उन्होंने कहा कि अभी तक उनसे कोई राय ली ही नहीं गई, जब ली जाएगी तो वह जरूर देंगे.
मंत्री इमरती देवी ने छूए पैर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आज जब चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. विजयलक्ष्मी साधौ के निवास पर पहुंचे तो वहां उपस्थित सिंधिया समर्थक मंत्री इमरती देवी ने उनके पैर छूए. मंत्री द्वारा सिंधिया के पैर छूने का वीडियो वायरल हुआ तो एक बार फिर चरणवंदना को लेकर चर्चा तेज हो गई.इससे पहले सिंधिया समर्थक मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह ज्योतिरादित्य सिंधिया के चमचे हैं. इस बयान का उनके दूसरे समर्थक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने समर्थन किया था और कहा था कि हम ज्योतिरादित्य सिंधिया के चमचे हैं. हालांकि सिंधिया खुद यह कह चुके हैं कि मैं चरणवंदना का पक्षधर नहीं हूं, वे इसके लिए अपने समर्थकों को पहले भी हिदायत दे चुके हैं. मगर यह सिलसिला अब भी जारी है.
जब तक है सिलावट नहीं होगी मिलावट
पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भोपाल के जेपी अस्पताल से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया. इस अभियान के तहत मध्य प्रदेश भर में 19 जनवरी से 21 जनवरी तक 1 करोड़ 11 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. शून्य से 5 साल तक के बच्चों को यह दवा पिलाई जाएगी. सिंधिया ने अभियान का शुभारंभ करेन के बाद मंच से स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट की प्रशंसा भी की. उन्होंने कहा कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के बाद अब यह नारा चल पड़ा है कि जब तक है सिलावट, नहीं होगी मिलावाट.उन्होंने मंत्रियों को भी हिदायत दी कि मंत्रियों को मंत्री बनकर नहीं, बल्कि जनता के पहरेदार याने जनसेवक बनकर रहना होगा और उनके काम करना होगा.

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