मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने हाल ही में आयोजित परीक्षा में भील जाति को लेकर पूछे गए आपित्तजनक सवाल पर बवाल मचने के बाद प्रश्नपत्र से हटा लिया है. आयोग ने प्रश्नपत्र से आपत्तिजनक 5 प्रश्नों को विलोपित करने की अधिसूचना जारी कर दी है.
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र में भील समुदाय को लेकर पूछे गए आपत्तिजनक सवाल हटा दिए हैं. बीते 12 जनवरी को एमपीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में भील समाज के संबंध में आपत्तिजनक सवाल पूछा गया था, जिसके बाद पूरे प्रदेश में बवाल मच गया था. उसी को देखते हुए आयोग को पीछे हटना पड़ा और इन सभी सवालों को विलोपित (हटा देने) करने की अधिसूचना जारी कर दी गई. आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया. भील समुदाय से जुड़े सभी 5 प्रश्नों को हटाने का निर्णय लिया. हालांकि, सरकार इस पूरे मामले की जांच भी करा रही है
उल्लेखनीय है कि प्रश्नपत्र के एक गद्यांश में भील जनजाति को शराब में डूबी हुई और धन कमाने के लिए गैर वैधानिक और अनैतिक कामों में लिप्त रहने वाली जनजाति बताया गया था, इसे लेकर भील समाज में नाराजगी है. लगातार प्रदर्शन के साथ एपपी पीएससी के चेयरमैन भास्कर चौबे और सचिव रेणु पंत को हटाने की मांग की जा रही है. यही कारण था कि आयोग की ओर से आनन-फानन में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई थी, जिसमें आयोग के अध्यक्ष भास्कर चौबे ने सफाई देते हुए कहा था कि हमारे पास सीलबंद पैकेट में प्रश्नपत्र आते हैं. उन्होंने कहा था कि आयोग की अपनी सीमाएं हैं और नियमों के तहत जो भी कार्रवाई होगी वो की जाएगी. इसमें एक आदमी पेपर सेट करता है फिर माडरेटर उसे चेक करता है, फिर वह प्रेस में छपने जाता है. इस मामले में पेपर सेट करने वाले और माडरेटर दोनों को नोटिस जारी कर 7 दिन में जबाव मांगा गया है. साथ ही दोनों को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है
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