मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारी पहचान अनेकता में एकता और भाईचारे की संस्कृति है. वर्तमान में इस संस्कृति पर खतरा मंडरा रहा है. इस बात का हमें समझना चाहिए, जो बीज आज बोए जा रहे हैं, उसके परिणाम खतरनाक होंगे.
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह बात आज राजधानी के उपनगर बैरागढ़ में चल रहे कांग्रेस सेवादल के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि सेवादल पार्टी की नींव है और पार्टी का भविष्य भी यही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेवादल के मूल कार्यों और संगठन को मजबूत बनाने में उनके कार्यकर्ताओं की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि, लेकिन अब समय के साथ बदलाव लाने की आवश्यकता है. सेवादल को अपनी और पार्टी की पहुंच गांव-गांव तक पहुंचानी होगी. इसके लिए उसे अपना सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ (आई टी सेल) बनाना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश में मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में किसान, महिलाओं और नौजवानों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर सीएए और एनआरसी जैसे मुद्दों पर ही जोर दिया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर देश में ऐसी कौन सी आफत आ गयी, जो सिर्फ एनआरसी जैसे मुद्दों पर ही ध्यान दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति अनेकता में एकता और भाईचारे की है. संविधान भी यही बात कहता है. इसके लिए ही भारत का विश्व में सम्मान है, लेकिन अब इस संस्कृति पर खतरा मंडरा रहा है. यह बात सभी को समझना चाहिए. जो बीज वर्तमान में बोए जा रहे हैं, उसके परिणाम खतरनाक होंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भाजपा की पिछले छह सात सालों में की गयी राजनीति को पहचानने की जरुरत है और फिर इसके बारे में सबको बताया जाना चाहिए. भाजपा ने एक वर्ष में दो करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन दो क्या एक करोड़ लोगों को भी रोजगार नहीं दिया गया. इसी तरह के अन्य मुद्दे हैं. मौजूदा सरकार इन्हीं सब मुद्दों से देश का ध्यान मोड़ने का कार्य कर रही है.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें