मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि कमलनाथ की सरकार बनी तो लगा कि विकास करेगी लेकिन उन्होंने तो प्रदेश को गर्त में धकेल दिया। उनके पाप का घड़ा सिंधिया और उनके साथियों ने फोड़ा। जब किसानों की फसलें खराब होती थीं तो कमलनाथ अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निकलते थे। कभी उन्होंने जनता का दर्द नहीं समझा। आप उद्योगपति हैं, आपको महलों में रहने की आदत है।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने यह बात आज ब्यावरा विधानसभा के सुठालिया में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों का कल्याण ही मेरे जीवन का प्रमुखय ध्येय है। मैं किसानों को ष्षून्य प्रतिषत ब्याज पर कर्ज देता था, कमलनाथ ने उसे भी बंद कर दिया था। मैंने 8 हजार करोड़ रुपये ब्याज का जमा करके फिर से इस योजना को प्रारंभ कर दिया है। जो गरीबों का कल्याण न कर पाये, उस सरकार के होने का क्या फायदा? कमलनाथ ने जनता के कल्याण और विकास के कोई काम नहीं किये। मैं विकास के काम करता हूं, तो उन्हें तकलीफ होती है। वे कहते हैं कि शिवराज जहां-तहां नारियल फोड़ता रहता है।
उन्होंने कहा कि राजगढ़-ब्यावरा क्षेत्र का विकास करने में मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी। कमलनाथ की सरकार बनी तो लगा कि विकास करेगी लेकिन उन्होंने तो प्रदेश को गर्त में धकेल दिया। उनके पाप का घड़ा सिंधिया और उनके साथियों ने फोड़ा। जब किसानों की फसलें खराब होती थीं तो कमलनाथ अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निकलते थे। कभी उन्होंने जनता का दर्द नहीं समझा। आप उद्योगपति हैं, आपको महलों में रहने की आदत है। हम गरीब का दर्द समझते हैं, उनके लिए योजनाएँ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को प्रणाम करता हूं, तो कमलनाथ कहते हैं कि शिवराज तो जनता के पैरों में लेट गया। कमलनाथ, जनता के चरणों में लेटना तुम क्या जानों, आपने तो सदैव जनता को कुचलने का काम किया। मैं जनता का सेवक हूं, झुककर प्रणाम करूंगा।
जनता को आदर देने और प्रणाम करने के हमारे संस्कार
षिवपुरी के झिरी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहाकि मैंने जनता को प्रणाम किया तो कमलनाथ ने कहा कि शिवराज ने तो जनता के सामने घुटने टेक दिये। कमलनाथ आपके संस्कार जनता को कुचलने के होंगे, हमारे संस्कार जनता को आदर देने और प्रणाम करने के हैं। मध्यप्रदेश के गरीब परिवारों के भी बच्चे पढ़-लिखकर अपने बड़े सपने साकार करें, इसलिए मैंने उनकी उच्च शिक्षा की फीस भरवाना शुरू किया। कमलनाथ आपने हमारे बच्चों की फीस भरवाने की योजना बंद कर दी। आप उद्योगपति हैं, गरीब की पीड़ा क्या जानें। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने जो आपके सिर पर कर्ज के ब्याज की गठरी लादी है, उसे मैं उतरवाऊंगा। मैंने पिछले 6 महीने में मैंने 23 हजार करोड़ से अधिक की राशि किसानों और जनता के कल्याण पर खर्च कर दी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें