मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

कमलनाथ, अजय सिंह पर हो हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज, नहीं तो दे दूंगी जान


कमलनाथ के विवादित बयान पर थम नहंी रही राजनीति
मध्यप्रदेष में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के विवादित बयान को लेकर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले पर स्पष्टिकरण देकर किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचने पर खेद भी व्यक्त कर मामले को खत्म करने की कोशिश की है। मगर भाजपा अब भी कमलनाथ से अपने बयान को लेकर माफी मांगने की बात कह रही है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने आज इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के खिलाफ हरिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज न करने पर जान देने की धमकी तक दे डाली है। कमलनाथ अब अपने बयान को लेकर चैतरफा घिरते नजर आ रहे हैं।
राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा डबरा में सभा के दौरान भाजपा प्रत्याषी और मंत्री इमरती देवी पर की गई विवादित टिप्पणी पर राजनीति गर्मा गई है। हालांकि सोमवार की ष्षाम को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले पर स्पष्टिकरण देकर किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचने पर खेद भी व्यक्त कर मामले को खत्म करने की कोशिश की है। मगर मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा अब भी इस मामले को लेकर कमलनाथ पर दबाव बना रही है कि वह माफी मांगे। मगर कमलनाथ ने इस मामले में फिलहाल मौन धारण कर लिया है। वहीं कांग्रेस नेता भी अब चुप है। भाजपा के दबाव के चलते अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बयान को लेकर चैतरफा घिरते नजर आ रहे हैं।
वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने इस मामले को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के खिलाफ हरिजन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे जान दे दंेगी।
खेद  जता    चुके कमलनाथ
कमलनाथ अपने बयान को लेकर खेद जता चुके हैं, मगर भाजपा उनके खेद जताने के बाद भी विरोध जारी रखे हुए है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मेरा बयान किसी को असम्मानित लगा हो तो मुझे इसका खेद है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा को एहसास हो रहा है कि वह हार नहीं रहे, वो पिट रहे हैं। इसलिए वो ध्यान भटका रहे हैं। ये मध्यप्रदेश में चुनाव के असली मुद्दे, 15 साल के और पिछले 7 महीने के मुद्दों से लोगों का ध्यान मोड़ना चाहते हैं। ध्यान भटकाने के लिए कुछ भी बोल दो, मैं उन्हें इसमें सफल नहीं होने दूंगा।’ इमरती देवी पर की गई टिप्पणी को लेकर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ये कहते हैं कि मैंने असम्मानित बात की। कौन-सी असम्मानित बात? मैं तो महिलाओं का सम्मान करता हूं। अगर कोई सोचता है यह असम्मानित है तो मुझे इस बात का खेद है।
  शिवराज   ने कहा माफी क्यों नहीं मांगे कमलनाथ
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कमलनाथ पर फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा अब भी आपको इमरती देवी का नाम याद नहीं आया। 24 घंटे पूरे देश ने इमरती देवी को देखा। वो आपके मंत्रिमंडल की सदस्य रही हैं, सीधे-सीधे माफी क्यों नहीं मांगते? और श्आइटमश् को जायज ठहरा रहे हैं। मैंने कल सोनिया गांधी जी को पत्र लिखा था उसका उत्तर मुझे नहीं मिला है।
गृह मंत्री ने बिसाहूलाल के बयान पर मांगी माफी
गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने मंत्री बिसाहूलाल सिंह के बयान के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि क्या कमलनाथ अपने बयान के लिए माफी मांगेंगे। गृह मंत्री ने  कहा कि कांग्रेस के नेता उपचुनाव में हल्के शब्दों का प्रयोग कर जनता के असल सवालों से बच रहे हैं। दरअसल उनके पास बताने लायक कोई उपलब्धि है ही नहीं, इसलिए वे भाजपा को  को कोसकर वोट बटोरना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने भाजपा सरकार के मंत्री बिसाहुलाल सिंह का बयान सुना नहीं है, लेकिन यदि उन्होंने कोई आपत्तिजनक बात कही है तो संसदीय कार्य मंत्री के नाते मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि क्या कमलनाथ अपने बयान के लिए माफी मांगेंगे। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या दिग्विजय सिंह, कमलनाथ के बयान पर माफी मांगंेगे।  उन्होंने कहा कि मंत्री इमरती देवी के खिलाफ अपशब्द बोलने पर कमलनाथ ने खेद जताया है लेकिन माफी नहीं मांगी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने भेजी रिपोर्ट
निर्वाचन आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।  केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने सख्ती दिखाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। वही राज्य निर्वाचन आयोग ने मामले में अपनी रिपोर्ट केन्द्रीय निर्वाचन आयोग को भेज दी है। वही केन्द्रीय निर्वाचन आयोग अब रिपोर्ट के आधार पर इस मामले पर निर्णय लेगा। 

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