रविवार, 4 अक्टूबर 2020

हिसाब मांगने के बजाय अपने कार्यकाल का हिसाब दें कमलनाथ


कांग्रेस द्वारा जारी किया गया वचन पत्र कपट पत्र साबित हुआ। कांग्रेस और कमलनाथ ने जनता से झूठ बोला, छल किया। कांग्रेस की सरकार ने अपने 15 महीनों में प्रदेश को भ्रष्टाचार का अड्डा और कुशासन की मिसाल बना दिया। इसलिए कमलनाथ को हिसाब मांगने की बजाय अपनी सरकार के 15 महीनों के कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए।
यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान से 15 सालों का हिसाब मांगे जाने पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कही। अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और इसके बाद सरकार के कामकाज के आधार पर प्रदेश जनता लगातार भारतीय जनता पार्टी को आशीर्वाद देती रही है। अग्रवाल ने कहा कि भाजपा की सरकार ने अपने 15 सालों के शासन में क्या किया यह प्रदेश की जनता अच्छे से जानती है और विकास तथा सुशासन की दिशा में किए गए इन प्रयासों पर जनता ने एक नहीं, कई बार अपनी स्वीकृति की मुहर लगाई है। अब बारी कमलनाथ की है। उन्हें अपने 15 महीनों के शासन पर उठ रहे सवालों का जवाब और हिसाब जनता को देना चाहिए।
अग्रवाल ने कहा कि भाजपा की शिवराज सरकार ने पांच महीनों में ही वह काम कर दिखाया है, जो कमलनाथ सरकार 15 महीनों में नहीं कर सकी। चाहें तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ तुलना करके देख लें। उन्होंने कहा कि कमलनाथ यहां-वहां की बातें करके जनता को भ्रमित न करें। 15 और 25 सालों को छोड़कर सीधे उन 15 महीनों की बात करें, जब प्रदेश में उनकी सरकार रही है। वे जनता को बताएं कि 5 दिन, 10 दिन और 100 दिनों के लिए किए गए वादों का क्या हुआ? मेड इन विदिशा और सागर का क्या हुआ? क्यों सरकार के मंत्री और विधायक अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते थे? रेत और शराब माफिया को किसका संरक्षण था? लगातार चले तबादला उद्योग में कितने के वारे-न्यारे हुए? प्रदेश में विकास के कितने काम हुए? इन सब सवालों के जवाब कमलनाथ को प्रदेश की जनता को देना चाहिए।

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