भाजपा नेताओं को लाकर लोहे से लोहे को काटने की है तैयारी
मध्यप्रदेष की 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने 24 प्रत्याषी घोशित कर दिए, मगर ब्यावरा सहित चार सीटों पर प्रत्याषी तय नहीं कर पा रही है। ब्यावरा को छोड़कर मुरैना, मेहगांव और बड़ा मलहरा में कांग्रेस को अपने नेताओं के विरोध के चलते भाजपा के नाराज नेताओं को लाकर मैदान में उतारने की तैयारी की जा रही है। इन तीनों सीटों पर कांग्रेस लोहे से लोहे को काटने की तैयारी कर रही है।
भिंड जिले की मेहगांव सीट पर उपचुनाव की तारीखों की घोशणा के पहले ही कांग्रेस में प्रत्याषी को लेकर विवाद था। यहां से चैधरी राकेष सिंह का नाम तय माना जा रहा हैं, मगर कांग्रेस का एक खेमा उनके नाम का विरोध जता रहे है। कांग्रेस के इस खेमे के नेताओं ने चैधरी को टिकट दिए जाने को लेकर पार्टी छोड़ने की धमकी तक दे डाली है। अब कांग्रेस यहां पर भाजपा के नाराज चल रहे एक पूर्व विधायक को पाले में लाकर मैदान में उतारना चाहती है, ताकि पार्टी का विरोध बच जाए और भाजपा को कड़ी टक्कर दी जा सकें। मेहगांव की तरह ही मुरैना में राकेश मावई एवं दिनेश गुर्जर प्रमुख दावेदार हैं, लेकिन खबर है कि भाजपा के एक नेता के इंतजार में घोषणा रोक रखी गई है। यहां भी कांग्रेस भाजपा के कददावर नेता को कांग्रेस में षामिल कराकर मैदान में उतारना चाहती है। दोनों स्थानों पर कांग्रेस का यह प्रयास कितना सफल होता है, यह कहा नहीं जा सकता, मगर प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ इस प्रयास में जुटे हैं।
मेहगांव और मुरैना के अलावा कांग्रेस के लिए बुंदेलखंड अंचल में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के प्रभाव वाली बड़ा मलहरा सीट पर भी प्रत्याषी की तलाष है। इस सीट पर भाजपा की ओर से लड़ने वाले कांग्रेस के बागी प्रद्युम्न सिंह भी लोधी समाज से हैं। कांग्रेस को भय है कि उमा भारती की वजह से समूचा लोधी समाज भाजपा के पाले में न चला जाए। इसलिए कांग्रेस यादव समाज के नेता पर दांव लगाने की तैयारी में है। मलेहरा में लोधी और यादव समाज के लगभग बराबर मतदाता हैं। प्रद्युम्न से पहले रेखा यादव यहां से दो बार विधायक रहीं हैं। कांग्रेस में खरगापुर सीट से उमा की भाजश से विधायक रहे अजय यादव के नाम पर विचार हो रहा है। यहां पर कांग्रेस बाहर का नेता इसलिए लाना चाहतीहै ताकि समाज के सभी मतदाता बिना विवाद के एकजुट होकर कांग्रेस का काम करें। बहरहाल, कांग्रेस अब तक फैसला नहीं ले सकी है। बाहरी प्रत्याशी को लेकर वह पशोपेश में भी है। स्थानीय नेता स्थानीय प्रत्याषी की मांग भी कर रहे हैं।
वहीं कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी के निधन से खाली हुई ब्यावरा सीट पर कांग्रेस में दिग्विजय सिंह की हरी झंडी का इंतजार है। दिग्विजय सिंह की प्रतिश्ठा इस सीट पर लगी हुई है। इस सीट पर दिग्विजय सिंह की पसंद का उम्मीदवार ही कांग्रेस घोशित करेगी।
रविवार, 4 अक्टूबर 2020
मुरैना, मेहगांव, बड़ा मलहरा में प्रत्याषी तय नहीं कर पा रही कांग्रेस
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