सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

बेपटरी हुए जनता से जुड़े मुददे

किसान, बेरोजगार की समस्या छोड़कर नेताओं के बीच षुरू हुई तू तू, मैं मैं

मध्यप्रदेष में हो रहे 28 सीटों के लिए उपचुनाव में एक बार फिर से जनहित के मुददे दूर होते जा रहे हैं। चुनाव प्रचार चरम पर हैं और नेताओं को जनता के मुददों से परहेज हो रहा है। कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस नेता एक दूसरे पर व्यक्तिगत आरोप कुछ तरह लगा देते हैं कि चुनावी सभाओं में वे ही मुददे बन जाते हैं। लोगों की समस्याओं को लेकर नेताओं के भाशण भी नहीं हो रही हैं।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर चुनाव प्रचार चरम पर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ओर से सभाओं का दौर तेज चला है। सभाओं के दौरान जनहित के मुददे फिर से दूर होते नजर आ रहे हैं। चुनाव प्रचार अभियान के पहले चरण में जहां किसान कर्ज माफी को लेकर भाजपा कांग्रेस को घेर रही थी, तभी कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान को लेकर नारियल जेब में रखने और गरीब घर से होने की टिप्पणियां की गई, जिसके चलते भाजपा ने पूरे प्रचार अभियान बदला और कांग्रेस को उसी के आरोपों पर घेरते नजर आए। हर सभा मंच पर मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान जनता को चरण स्पश्र्ष करने लगे तो उनके साथ साथ भाजपा प्रत्याषियों ने भी यही काम ष्षुरू कर दिया। इसके बाद नारियल जेब में रखना, गरीब घर से होने का जुमला तेज हो गया। मुख्यमंत्री अपनी हर सभा में यही बात कहते नजर आ रहे हैं कि वे गरीब घर से हैं, इसके चलते वे गरीबों की समस्या जानते हैं, वे लगातार कांग्रेस को इसी बात को लेकर घेरते रहे। साथ ही यह गिनाते रहे कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 15 माह मंे क्या नहीं किया। इस बीच जनता की समस्याआंे पर भाजपा या कांग्रेस नेता कोई भी गंभीर नजर नहीं आया। इसके अलावा दोनों दलों के नेता एक दूसरे को कलाकार तक बताने से नहीं चुके।
चुनाव प्रचार तेज हो ही रहा था कि रविवार को फिर से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा ग्वालियर के डबरा में मंत्री इमरती देवी को लेकर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी के बाद माहौल बदला है। महिला मंत्री  और भाजपा प्रत्याषी पर की गई टिप्पणी को लेकर पूरी भाजपा आज सड़क पर उतरी और पूरे प्रदेष में दो घंटे का मौन धारण किया। वहीं कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा को घेरा। कांग्रेस अब महिला अत्याचार और सिंधिया की सभा मंें किसान की मौत को लेकर कांग्रेस आक्रामक हुई और भाजपा का विरोध जताने की रणनीति पर काम कर रही है।
कुल मिलाकर उपचुनाव में अब एक बार फिर चुनावी मुददा बदलता नजर आ रहा है। दोनों ही दल मुख्य मुददे से दूर होकर लोगांे के बीच एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। दोनों ही दल जनता के मुददों से दूरी बना रहे है। इस बीच बसपा ने अब अनुसूचित जाति की महिला के अपमान का मुददा बनाकर मतदाता के बीच पहुंचने की बात कही है। बसपा सुप्रीमों ने बसपा पदाधिकारियों को इस मुददे के साथ जनता के बीच जाने की बात कही है। 

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