राज्य में 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में कभी दिलचस्पी न लेने वाली बसपा ने अपने प्रत्याषी उतारकर वैसे ही कांग्रेस और भाजपा नेताओं की नींद उड़ा दी है। खासकर ग्वालियर चंबल अंचल में बसपा ने कई सीटों पर चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाकर दोनों दलों के लिए संकट पैदा कर दिया है। वहीं अब शिवसेना भी राज्य में जमीन तलाषने में जुटी है। बताया जाता है कि महाराश्ट सीमा से लगे प्रदेष के मालवा निमाड़ अंचल की विधानसभा सीटों पर शिवसेना अपने प्रत्याषी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे है। इसके शिवसेना के प्रदेष से जुड़े नेता इन दिनों महाराश्ट के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और शिवसेना नेता संजय राउत के सीधे संपर्क में है। उद्धव ठाकरे ने दोनों को प्रदेष में शिवसेना के लिए स्थिति देखते हुए प्रत्याषी मैदान में उतारने की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों नेताओं ने इसके लिए सर्वे का कार्य कराया है। अब इसके बाद शिवसेना को तय यह करना है कि वह प्रदेष में उपचुनाव लड़े या नहीं। सूत्रों की माने तो शिवसेना ने यह तय किया है कि मालवा निमाड़ अंचल आगर, हाटपिपलिया, नेपानगर, सांवेर, मांधाता, बदनावर और सुवासरा सीटों पर वह प्रत्याषी मैदान में उतारे। इन सीटों पर शिवसेना का सर्वे हुआ है।
शिवसेना के प्रदेष के नेताओं का कहना है कि शिवसेना इस उपचुनाव में कुछ प्रत्याषी मैदान में उतारकर यह देखना चाहती है कि उसका जमीनी आधार कितना है। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि महाराश्ट से लगे होने के नाते अब मध्यप्रदेष में शिवसेना को अपना वोट बैंक बढ़ाना चाहिए। वे संगठन का विस्तार करते हुए शिवसेना को मजबूती देना चाहते हैं। ठाकरे उपचुनाव में प्रत्याषी खड़े कर यह भी देखना चाहते हैं कि उसे प्रदेष में कितनी मेहनत करने की जररूत है, जिससे वह अपने दल को यहां पर मजबूती दे सके। यही वजह है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे उनके बेटे आदित्य ठाकरे और प्रवक्ता संजय राउत सहित कई बड़े चेहरों को इस काम में लगाया है। ये जल्द ही यह तय करेंगे कि उपचुनाव मंे शिवसेना को प्रत्याषी उतारने चाहिए या नहीं, अगर उतारने हैं तो किन विधानसभा क्षेत्रों में। शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाणेश्वर महावर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शिवसेना उपचुनाव में प्रत्याषी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में उद्धव ठाकरे
मध्यप्रदेष कांग्रेस ने महाराश्ट के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को स्टार प्रचारकों की सूची में ष्षामिल किए जाने के भी कयास लगाए जा रहे हैं। अगर ठाकरे कांग्रेस के स्टार प्रचारक बने तो षिवसेना के लिए प्रदेष में प्रत्याषी मैदान में उतारने मंे परेशानी हो सकती है। शिवसेना के बड़े नेता इस बात को लेकर भी संकट में हैं कि क्या किया जाए। फिलहाल तो ठाकरे के निर्देश पर प्रदेष के शिवसेना के नेताओं ने जो निर्देश उन्हें मिले थे, उसके मुताबिक सर्वे कराया और जानकारी भी दे दी। अब ठाकरे के फैसले का इंतजार इन नेताओं को है।
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