कमलनाथ ने कहा कांग्रेस संस्कृति धर्म को जोड़ती है
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस संस्कृति धर्म को जोड़ती है। यही हमारी संस्कृति है। बाबा साहब ने ये कभी नहीं सोचा था, कि कोई बिक जाएगा। छोटा-सौदा छिप जाता है, लेकिन बड़ा सौदा नहीं छिपता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात आज दतिया जिले के भांडेर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याषी फूलसिंह बरैया के पक्ष में सभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने मंत्री बिसाहूलाल सिंह के वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारी वोटों की सरकार थी, लेकिन इनकी नोटांे की सरकार थी। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि छोटा सौदा छुप जाता है, बड़ा सौदा नहीं छुपता है। भाजपा ने पूरे प्रदेश को खोखला कर दिया था। मुझे ऐसा प्रदेश सौंपा गया था जो भ्रष्टाचार, महिला अपराध और किसानों की आत्महत्या में नंबर एक था, लेकिन हमारी सरकार बनते ही 11 महीने के दौरान कांग्रेस के रीति-नीति के हिसाब से सबको कुछ न कुछ लाभ देने की कोशिश की गई। कमलनाथ ने कहा कि हम वचनबद्ध हैं, मेरी सरकार आते ही बाकी के किसानों का भी कर्ज माफ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैंने कर्ममाफी की शुरूआत की थी। हमारे पास पैसे नहीं थे, इन्होंने तिजारी खाली कर दिया था। फिर भी हमने अपना वादा निभाया। 17 दिसंबर को कर्जमाफी किया। हमारी सरकार में साढ़ें ग्यारह महीना काम किया है। वहीं अब उपचुनाव में जनता इनका जवाब देगी। कमलनाथ ने वादा किया है कि हमारी सरकार आएगी तो फिर से किसानों का कर्जमाफी किया जाएगा। आगे कहा कि मैं कमलनाथ हूं, शिवराज नहीं, झूठे वायदे नहीं करता हूं।
उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार किसानों और युवाओं के साथ धोखा कर रही है। जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, तब से सौदेबाजी हो रही है। शिवराज के झूठ से झूठ भी शर्मिंदा है। उन्होंने कहा कि आप अपना भविष्य किसे सौंपना चाहते हैं, यह आपको तय करना है. बस मेरा इतना कहना है किभ् भाजपा और शिवराज का साथ मत देना, बस सच्चाई का साथ देना।
मुझे सौदे का पद नहीं चाहिए था
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैने प्रदेश में निवेश की कोशिश की थी। मैने गौशाला खोलने, कर्जमाफी, सस्ती बिजली और युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी। साथ ही पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण भी देना चाहता था. मेरी गलती थी कि मैने सौदा नहीं किया, अगर मैं सौदा कर लेता तो सरकार बच जाती. लेकिन मुझे सौदे का पद नहीं चाहिए था।
वर्दी की इज्जत करें
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर प्रशासनिक अमले को चेतावनी दी। उन्होंने कहा भाजपा प्रशासन के दम पर उपचुनाव लड़ना चाहती है. अधिकारी भी सुन लें, एक महीने बाद हिसाब देना होगा। इसलिए पुलिस वाले वर्दी की इज्जत करें, नहीं तो बाद में वर्दी कहां जाएगी समझ लेना।
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