नौ सीटों पर दलबदलू हैं, आमने सामने
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर इस बार दिलचस्प स्थिति बन गई है। राज्य में हो रहे 28 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव में 9 सीटों पर दलबदलुओं का सीधा मुकाबला है। कुछ सीटों पर तो दलबदलू त्रिकोणीय मुकाबला बनाते नजर आ रहे है। इस बार चुनाव में जीत हार किसी की भी हो, इन 9 सीटों पर दलबदलू ही जीतेंगे।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर कांग्रेस भाजपा और बसपा तीनों दलों ने दलबदलुओं पर दांव खेला है। राज्य की 28 विधानसभा सीटों में से 9 सीटें तो ऐसी हैं, जहां पर दलबदलू आमने सामने हैं। जिन 9 सीटों पर दलबदलू आमने सामने हैं, सांवरे में भाजपा ने कांग्रेस से आए तुलसी सिलावट को मैदान में उतारा तो कांग्रेस ने भाजपा से आए प्रेमचंद गु्ड्डू को उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत कांग्रेस से भाजपा में गए हैं,वहीं उनके सामने कांग्रेस ने भाजपा से आई पूर्व विधायक पारूल साहू को मैदान में उतारा है। इसी तरह करेरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने कांग्रेस से आए जसवंत जाटव को प्रत्याषी बनाया है, तो कांग्रेस ने बसपा से आए प्रागी लाल जाटव को टिकट देकर मैदान में उतारा है। बामोरी में भाजपा ने कांग्रेस से आए महेंद्र सिंह सिसौदिया को टिकट दिया है वहीं कांग्रेस ने यहां पर भाजपा से आए पूर्व मंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल को मैदान में उतारा है।
डबरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने कांग्रेस आई इमरती देवी को मैदान में उतारा। वहीं कांग्रेस ने भाजपा से आए सुरेश राजे को प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। वहीं भांडेर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने कांग्रेस से आई रक्षा सिरोनिया को प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने बहुजन संघर्ष दल से आए फूलसिंह बरैया को टिकट दिया। इस सीट पर बसपा ने भी कांग्रेस से आए पूर्व मंत्री महेन्द्र बौद्ध को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। अंबाह विधानसभा सीट पर भाजपा ने कांग्रेस से आए कमलेश जाटव को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने बसपा से आए सत्यप्रकाश सकवार को मैदान में उतारा। सुमावली विधानसभा सीट पर भाजपा ने कांग्रेस से आए ऐंदल सिंह कंसाना को प्रत्याशी बनाया और कांग्रेस ने भाजपा से आए अजब सिंह कुशवाहा को मैदान में उतारा है। इसी तरह ग्वालियर पूर्व से भाजपा ने कांग्रेस से आए मु्न्ना लाल गोयल को प्रत्याशी बनाया तो कांग्रेस ने भाजपा से आए सतीश सिकरवार को मैदान में टिकट दिया है।
दोनों ही दलों ने इन नौ सीटों पर दलदलुओं पर दाव खेला है। चुनाव के परिणाम कुछ भी आए, मगर एक बात साफ है कि इन सीटों पर जीत दलबदलू की ही होना है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने इन सीटों पर दूसरे दलों से आए नेताओं को टिकट तो दे दिया है, मगर अब उनके सामने अपने नेताओं की नाराजगी का संकट भी खड़ा हो गया है।
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