शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020

आईफा पर गर्माई सियासत, कमलनाथ, शिवराज आमने सामने


आईफा अवार्ड पर राज्य में सियासत गर्मा गई है। राज्य के मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने आज  आईफा अवार्ड के आयोजन को तमाशा बताया था। उनके इस बयान पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पलटवार किया और कहा कि  शिवराज सिंह इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी शर्मा जाए। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव के गृह नगर के अस्पताल में डॉक्टरों-कर्मचारियों की गैर मौजूदगी पर भी तंज कसा।
प्रदेष कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चैहान, जिन्होंने 15 वर्ष सिर्फ तमाशा किया, वो आईफा के आयोजन को तमाशा बता रहे हैं। जिन शिवराज सिंह के राज में प्रदेश की पहचान माफियाओ से थी मिलावट खोरो से थी, उनको तो ऐसे आयोजन तमाशे ही लगेंगे। शिवराज सिंह चैहान इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी शर्मा जाए। कभी कहते हैं कि आईफा के लिए हमारी सरकार ने पैसे का आवंटन किया, जबकि हमने आईफा के लिए एक रुपए का भी ना बजट में कोई प्रावधान किया और ना ही कोई आवंटन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के आईफा अवार्ड के आयोजन को तमाशा बताने के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि यह जनता तय करती है कि क्या तमाशा है और क्या गैर तमाशा है, शिवराज सिंह यह तय करने वाले कौन हैं?
उन्होंने कहा कि भाजपा शासकीय तंत्र के भरोसे चुनाव जीतना चाहती है। उसे जनता पर भरोसा नहीं है। इसलिए भाजपा का बिल्ला जेब में लिए घूम रहे अधिकारियों की पोस्टिंग उपचुनाव वाले जगहों में की जा रही है। कमलनाथ ने कहा कि श्मैं पुलिस से निवेदन करता हूं कि वो अपनी वर्दी की इज्जत रखें और जो अधिकारी भाजपा का बिल्ला जेब में रखकर काम कर रहे हैं, उन्हें भी कहना चाहता हूं की चिंता ना करें। जनता को गवाह बनाकर चुनाव के बाद इन सबसे हिसाब दूंगा।
गोपाल भार्गव को दी बधाई
कमल नाथ ने मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा उनके अपने क्षेत्र में गढ़ाकोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निरक्षण को लेकर कहा कि भार्गव ने स्वास्थ्य केंद्र के दौरे के दौरान खुद देखा कि डॉक्टर, नर्स यहाँ तक की चपरासी तक गायब है।उन्होंने सच को स्वीकार किया, उन्हें बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं आगे भी वे इसी प्रकार सच बोलते रहेंगे।
  शिवराज   ने कहा नहीं होगा आईफा
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आइफा नहीं होगा, प्रदेश में आइफा जैसे तमाशे की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कह कि पता चला है कि आइफा के नाम पर कई उद्योगपतियों से करोड़ों रुपए लिए गए हैं। एक कंपनी से ही करीब चार करोड़ रुपए लिए गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आइफा के नाम पर किस-किस से पैसे लिए है। दरअसल, कमलनाथ सरकार के दौरान आयोजित होने वाले आइफा अवार्ड समारोह के नाम पर उद्योगपतियों से करोड़ों रुपए लिए गए थे। इसकी शिकायत पिछले दिनों मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंची है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें