जातिगत समीकरण प्रभावित करेंगे परिणाम को
मध्यप्रदेष के मालवा अंचल के सांवेर विधानसभा सीट पर बसपा ने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए अपना प्रत्याषी मैदान में उतार कर परेषानी बढ़ा दी है। बसपा ने यहां पर जातिगत समीकरण में दोनों दलों को उलझा दिया है। बसपा प्रत्याषी यहां पर परिणामों को प्रभावित करेगा, मगर फायदा किसे होगा यह अभी कहा नहीं जा सकता।
मध्यप्रदेष में होने वाले उपचुनाव को लेकर बसपा इस बार ज्यादा गंभीर नजर आ रही है। कभी उपचुनाव में प्रत्याषी मैदान में न उतारने वाली बसपा ने इस बार सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याषी मैदान में उतारने का फैसला लिया है। अब तक बसपा ने 18 सीटों पर अपने प्रत्याषी घोशित भी कर दिए है। जहां भी प्रत्याषियों की घोशणा हुई है, अधिकांष स्थानों पर बसपा प्रत्याषियों के कारण मुकाबला त्रिकोणीय बनता नजर आ रहा है।
ऐसे ही मालवा अंचल की सांवेर सीट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इस सीट पर भाजपा के प्रत्याषी मंत्री तुलसी सिलावट और कांग्रेस के प्रत्याषी प्रेमचंद गुडडू मैदान में हैं। सिलावट को लेकर कांग्रेसष्षुरू से ही गंभीर है और चाहती है कि यहां परिणाम उसके पक्ष में आए, मगर अब बसपा ने यहां पर विक्रम सिंह गहलोत को प्रत्याषी घोशित किया है। गहलोत बलाई जाति के प्रत्याषी हैं और इस विधानसभा क्षेत्र में इस जाति के अधिक मतदाता हैं, जो चुनाव परिणामों को उलटफेर करते रहे हैं। वैसे भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों से उपचुनाव में इस जाति के नेताओं ने अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने की मांग की थी, मगर उनकी मांग को दोनों ही दलों ने दरकिनार किया, लेकिन बसपा ने इस मांग को स्वीकार करते हुए गहलोत को प्रत्याषी बनाया है। गहलोत के प्रत्याषी बनाए जाने से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के समीकरण बिगड़े हैं, यहां पर अब मुकाबला रोचक हो गया है।
पिछले चुनाव में मिले थे 2844 वोट
बसपा को पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र 2844 वोट मिले थे। इस चुनाव में बसपा ने कमल चैहान को प्रत्याषी बनाया था, मगर इस चुनाव में बसपा प्रत्याषी को मिले मतों के कारण भाजपा के राजेष सोनकर को हार का सामना करना पड़ा था। सोनकर मात्र 2945 वोटों से तुलसी सिलावट से चुनाव हारे थे। इस तरह से देखा जाए तो बसपा को मिले मतों के बाद जीत का अंतर 101 वोट रह गया था। जबकि इस विधानसभा क्षेत्र में नोटा के 2591 वोट पड़े थे। इस सबके बावजूद वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राजनीति से जुड़े विष्लेशक मानते हैं कि सांवेर में बसपा ने जातिगत आधार पर टिकट देकर दोनों दलों को उलझा दिया है और मुकाबला टक्कर का बना दिया है।
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