गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

मुरैना जिला जहां हर चुनाव में बसपा दिखाती है दम

 

सुमावली में कभी बसपा से जीते भाजपा प्रत्याषी के लिए संकट बन सकता है बसपा प्रत्याषी

मध्यप्रदेष के चुनावी इतिहास में मुरैना जिला बसपा के लिए ताकत दिखाने वाला जिला साबित हुआ है। इस जिले के प्रायः सभी सीटों पर बसपा ने अपना प्रभाव दिखाया है। यही वजह है कि इस बार फिर उपचुनाव में बसपा ने प्रत्याषी मैदान में उतारकर भाजपा और कांग्रेस के लिए चिंता बढ़ा दी है। वहीं भाजपा के प्रत्याषी एंेदल सिंह कंसाना के लिए यह चुनाव और भी संकट वाला हो गया है। वे पहली बार बसपा प्रत्याषी के तौर पर विधानसभा पहुंचे थे, इसके बाद दल बदल कर कांग्रेस और फिर अब भाजपा के प्रत्याषी के रूप में मैदान में हैं। कंसाना के लिए बसपा प्रत्याषी चिंता का कारण बन गया है।
मुरैना जिले की सुमावली, जौरा, मुरैना, दिमनी, अंबाह, सबलगढ़ सीटों पर चुनावी इतिहास देखा जाए तो बसपा का खासा प्रभाव नजर आता है। सुमावली सीट पर हो रहे उपचुनाव को ही लिया जाए तो यहां पर भाजपा के प्रत्याषी ऐंदल सिंह कंसाना कभी बसपा के प्रत्याषी के रूप में मैदान में उतारकर चुनाव लड़े और जीते भी। कंसाना ने पहला चुनाव 1993 में बसपा से लड़ा फिर वे 1998 में भी बसपा से मैदान में उतरे और विधानसभा पहुंचे। बाद में दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए वे कांग्रेस में षामिल हुए और राज्यमंत्री बने। इसके बाद लगातार कांग्रेस के प्रत्याषी के रूप में वे चुनाव लड़ते रहे, इस बार उपचुनाव में फिर पाला बदलकर वे सुमावली से भाजपा के प्रत्याषी हैं। उनके सामने अब कांग्रेस के अलावा बसपा के प्रत्याषी मैदान में है। बसपा उनके लिए चिंता का कारण बन गई है। बसपा प्रत्याषी ने यहां त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है। कंसाना के सामने कांग्रेस के अजब सिंह और बसपा के राहुल दंडोतिया को मैदान में उतारा है। बसपा ने युवा कार्ड खेलकर राहुल को मैदान में उतारकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों को चुनौती दी है। भाजपा प्रत्याषी को इस बात की चिंता है कि वे कांग्रेस के अलावा बसपा के वोट बैंक में किस तरह से सेंधमारी करें, ताकि उनकी विजय सुनिष्चित हो सके।
सुमावली के अलावा मुरैना जिले की अंबाह, दिमनी, सबलगढ़ विधानसभा से भी बसपा के विधायक निर्वाचित होते रहे है। इसके चलते सुमावली में बसपा पूरी ताकत के साथ मैदान में है। बसपा ने यहां पर फिर खाता खोलकर विधानसभा पहुंचने की रणनीति बनाई है। यही वजह है कि बसपा के पदाधिकारी ग्वालियर चंबल में बसपा को किंगमेकर की भूमिका का निर्वाह करने वाला बता रहे हैं। 

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