रविवार, 1 अप्रैल 2018

184 गांवों की बदलेगी तकदीर

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले की बल्देवगढ़ तहसील क्षेत्र में बन रही बानसुजारा वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर जिले की पाँच तहसीलों के 184 गाँवों के किसानों की तकदीर बदल जायेगी. बानसुजारा वृहद सिंचाई परियोजना के अंतर्गत एक बड़ा बाँध धसान नदी पर छतरपुर जिले के ग्राम बन और टीकमगढ़ जिले के ग्राम सुजारा के मध्य बनाया जा रहा है. बाँध की कुल लम्बाई 2500 मीटर है. इसमें 324 मीटर कांक्रीट का बाँध और पहाड़ों को जोड़ने के लिए 1125 मीटर मिट्टी का बाँध बनाया जा रहा है. नदी तल से बाँध की अधिकतम ऊँचाई 33.50 मीटर है. बाँध में 13.50 और 13.25 मीटर के 12 गेट लगाये गये हैं. बाँध का जल संग्रहण क्षेत्र 3332 वर्ग किलोमीटर है. बाँध की जल-भराव क्षमता 272.80 मिलियन घन मीटर है. इस वृहद परियोजना से टीकमगढ़ जिले की 75 हजार 102 हेक्टेयर भूमि में रबी सिंचाई हो सकेगी. 
बानसुजारा वृहद परियोजना की कुल लागत 1768 करोड़ 50 लाख रुपए है. बाँध की निविदा लागत 162 करोड़ रुपए़ है जिसमे 120 करोड़ रुपए का कार्य पूरा किया जा चुका है. इस प्रकार कांक्रीट कार्य का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है. बाँध का सम्पूर्ण कार्य 30 जून 2018 तक पूरा किये जाने का कार्यक्रम बनाया गया है. बानसुजारा परियोजना में बाँध के डूब क्षेत्र में आने वाली कुल भूमि 5200 हेक्टेयर में से 3743 हेक्टेयर निजी भूमि एवं 1399 हेक्टेयर राजस्व भूमि है. बाँध से जुड़ी भूमि के भू-अर्जन का कार्य तेजी से पूरा किया गया है. टीकमगढ़ जिले की पाँचों तहसीलों के 184 गाँव के कुल 75 हजार 102 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिल जायेगी. इसमें बल्देवगढ़ तहसील के 23 गाँवों के 8081 हेक्टेयर, खरगापुर तहसील के 56 गाँवों के 23704 हेक्टेयर, पलेरा तहसील के 83 गाँवों के 34 हजार 928 हेक्टेयर, जतारा तहसील के 16 गाँवों के 6632 हेक्टेयर एवं लिधौरा तहसील के 6 गाँवों के 1818 हेक्टेयर भू-रकबे में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी.

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