रविवार, 1 अप्रैल 2018

शिक्षकों के विरोध के बाद ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म

 मुख्यमंत्री ने कहा संविदा  कर्मचारियों की महापंचायत जल्द बुलाएंगे
ई-अटेंडेस को लेकर शिक्षकों के विरोध के आगे प्रदेश की सरकार को झूकना पड़ा. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज यह घोषणा की कि कल 2 अप्रैल से शुरु हो रहे शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म होगी. वहीं संविदा कर्मचारियों की महापंचायत जल्द ही बुलाने की बात भी उन्होंने आज कही.
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा आज मुख्यमंत्री निवास पर मिलने गई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए की. उन्होंने कहा कि अध्यापकों का अपमान नहीं होने दूंगा, ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता निरस्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अध्यापकों के शिक्षा विभाग में संविलियन की प्रक्रिया अप्रैल के अंत तक पूरी हो जाएगी. शिवराज सिंह संयुक्त मोर्चा के कर्मचारी नेताओं के से बात कर रहे थे. यह जानकारी कर्मचारी नेता एस.पी. त्यागी ने दी. उन्होंने कहा कि 31 हजार पदों पर अप्रैल के अंत में संविदा शिक्षकों की भर्ती होगी. 31 मार्च से सभी विभागों, नगरीय निकाय, मंडल आदि में सेवानिवृत्ति आयु एक सामान 62 वर्ष होगी. इन सभी को पदोन्नति का लाभ भी मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को बताया कि अध्यापक संवर्ग के शिक्षा विभाग में संविलियन के आदेश अप्रैल माह के अंत तक जारी होंगे. स्थानांतरण नीति और अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों पर शासन गंभीरता से विचार कर रही है.
उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारी एम शिक्षामित्र का विरोध कर रहे थे. उनका तर्क था कि यह व्यवस्था केवल शिक्षा विभाग पर ही क्यों लागू की जा रही है. सभी कर्मचारियों पर की जानी चाहिए. आंदोलनकारियों का कहना था कि केवल शिक्षा विभाग पर ट शिक्षामित्र लागू करने के कारण वो खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं. 
सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का युवाओं पर नहीं होगा असर
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि 60 से 62 वर्ष में सेवानिवृत्ति के निर्णय से युवाओं के अवसर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. जितने पद की जरूरत होगी, उन पर अलग से नियुक्ति की जाएगी. कार्यरत कर्मचारियों की सेवा अवधि बढ़ने से न युवाओं का हक मारा जाएगा और न युवाओं की भर्ती से कर्मचारियों पर प्रभाव पड़ेगा.
संविदा कर्मचारियों की महापंचायत जल्द
मध्यप्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर के नेतृत्व में प्रदेश के सभी विभागों के संविदा कर्मचारियों का एक प्रतिनिधि मंडल आज रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से निवास पर जाकर मिला.  संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बात का धन्यवाद भी दिया कि उनके द्वारा प्रदेश में संविदा कल्चर समाप्त करने की बात कही गई है और संविदा कर्मचारियों का जो शोषण संविदा के नाम पर किया जा रहा है उसके दंश से जल्दी ही मुक्ति दिलाई जाएगी.इसलिए जल्दी ही संविदा कर्मचारियों के लिए संविदा महापंचायत बुलाई जाए. इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर तथा प्रतिनिधि मंडल को कहा कि आंगनवाड़ियों की महापंचायत के पश्चात अप्रैल माह में ही संविदा कर्मचारियों की महापंचायत मैं बुलाऊंगा आप निश्चिंत रहें और आंदोलन हड़ताल वगैरह ना करें. हम ही संविदा कर्मचारियों को नियमित करेंगे.  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें