शनिवार, 21 अप्रैल 2018

पैसे के लिए नहीं, इशु के लिए कार्य करें


गुना  के कलेक्टर विजय दत्ता ने कहा है कि हमें पैसे के लिए नहीं, अपितु इशु के लिए कार्य करना चाहिए. अगर कोई इशु है, तो अधिकारियों को समन्वय से कार्य करना चाहिए. कलेक्टर यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में सिविल सर्विस डे के उपलक्ष्य में सम्पन्न हुई कार्यशाला में बोल रहे थे. 
   कलेक्टर ने कहा कि बेहतर सेवाऍं देने वाले सिविल सेवा के अधिकारियों को भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाता है. उन्होंने अधिकारियों द्वारा जनहित में नवाचार किए जाने पर जोर दिया और कहा कि हमें अपनी बेहतर सेवा से बेहतर परिणाम लाने के लिए सक्रिय रहना चाहिए. कलेक्टर ने स्कूलों में बच्चों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करने और माह जुलाई में वृक्षारोपण किए जाने की रूपरेखा बनाने के शिक्षा विभाग को निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों से पर्यावरण के बारे में बात करनी चाहिए.    वन संरक्षक डी.एस. कनेश ने कहा कि वन विभाग द्वारा हर साल हरियाली महोत्सव मनाया जाता है. इस महोत्सव में स्कूल, कॉलेज, सड़क किनारे वृक्षारोपण किया जाता है. डिप्टी कलेक्टर श्री सुरेश कुमार बरहादिया ने कहा कि सिविल सेवा की भूमिका में राष्ट्रीय एकता की भावना निहित है. उन्होंने कहा कि सिविल सेवा आम लोगों और उच्च प्राधिकारियों के बीच एक पुल का कार्य करती है. उन्होंने कहा कि हमें जल संरक्षण, वन महोत्सव, भावांतर भुगतान योजना, अनाज उपार्जन, महिला सशक्तिकरण को तबज्जों देना होगी. उन्होंने कहा कि जनता के प्रति प्रशासन का रवैया उत्तरदायित्व पूर्ण और संवेदनशील होना चाहिए. 
   कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया. आभार प्रदर्शन डिप्टी कलेक्टर शिवानी रैकवार ने किया. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे. सिविल सर्विस डे के अवसर पर आयोजित हुई कार्यशाला प्रदेश में जलसंरक्षण, वन महोत्सव, भावांतर योजना एवं अनाज उपार्जन, महिला सशक्तिकरण, श्रमिकों के लिए संचालित योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं, जिले में आवास गारंटी योजना का क्रियान्वयन एवं जिले में कुपोषण निवारण पर केन्द्रित थी. 

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