सिंधी संस्कृति, भारतीय संस्कृति के माथे की बिंदी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विस्थापितों के पुराने पट्टों पर बने मकान और दुकानों का नियमितीकरण होगा. पुराने कब्जों को भी पट्टा देकर वैध किया जाएगा. नामांतरण, विक्रय और बंटवारे के अधिकार भी होंगे. चौहान चेट्री चंड्र महोत्सव को संबोधित कर रहे थे. चेट्री चंड्र महोत्सव का मुख्यमंत्री निवास में आयोजन किया गया था. यहां भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव समारोह पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. मुख्यमंत्री चौहान ने आमंत्रित सिंधी समाज के सदस्यों को चेट्री चंड्र की शुभकामनाएं दी. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी साधना सिंह भी मौजूद थीं. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल के 13 गांवों में लगी भूमि के नामांतरण, बंटवारे और विक्रय पर रोक हटा ली गई है. आठ गांवों को दिये गये नोटिस को भी वापस लिया गया है. भूमि के उपयोग का अधिकार दिया है. उन्होंने कहा कि सिन्धी संस्कृति भारतीय संस्कृति की माथे की बिंदी है. हजारों साल पहले सिन्धु नदी तट पर विकसित सभ्यता हिन्दु सभ्यता है. जब आधुनिक उन्नत प्रगतिशील देश सभ्यता के आरंभिक चरण में थे तब भारत में वेदों की ऋचायें रची जा रही थीं. उन्होंने कहा कि सिंधु संस्कृति ने मानव जाति को नई ऊंचाईयां दी हैं. मानवता को धन्य करने वाले संत दिए हैं. प्रदेश और देश के विकास और समृद्धि में उनका अतुलनीय योगदान है. सिंधी सहित्य और भाषा संरक्षण के कार्य किए जाएंगे.
चौहान ने कहा कि सिंधी वीर और पुरुषार्थी समाज है. भारत विभाजन की विभीषिका के दौरान विस्थापन का दु:ख और दर्द झेला हैं. उन्हें अब कोई कष्ट और दर्द नहीं रहेगा. कहीं जाने की जरुरत नहीं है. नागरिता के अधिकार दिए जा रहे हैं. यह देश-प्रदेश उनका है. इसे प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें. उन्होंने भगवान झूलेलाल के चरणों में नमन करते हुये सबकी सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धी की कामना की. मुख्यमंत्री को पाकिस्तान से आये सिंधी परिवारों की बालिकाओं ने रक्षा सूत्र बांधा. चौहान ने सिंधी समाज के चेट्री-चंड्र पर्व के आनंद और उल्लास में उमंग के साथ भागीदारी की. समाज के सदस्यों के साथ समूह नृत्य में भी शामिल हुए.
कार्यक्रम में जतिन उदासी और मंजूश्री ने सिंधी गीतों की प्रस्तुति दी. कार्यक्रम में इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शंकर लालवानी, नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान, विधायक अशोक रोहाणी, सिंधु सभा के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष लधाराम नागवानी, मध्यप्रदेश सिंधु सभा के प्रदेशाध्यक्ष भगवानदास सबनानी, सिंधी पंचायत भोपाल के अध्यक्ष भगवानदेव इसराणी, पूर्व विधायक शिवा कोटवानी विभिन्न धर्म गुरु, संत महात्मा, प्रबुद्ध नागरिक और प्रदेश के विभिन्न अंचलों के सिंधी समाज के सदस्य उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विस्थापितों के पुराने पट्टों पर बने मकान और दुकानों का नियमितीकरण होगा. पुराने कब्जों को भी पट्टा देकर वैध किया जाएगा. नामांतरण, विक्रय और बंटवारे के अधिकार भी होंगे. चौहान चेट्री चंड्र महोत्सव को संबोधित कर रहे थे. चेट्री चंड्र महोत्सव का मुख्यमंत्री निवास में आयोजन किया गया था. यहां भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव समारोह पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. मुख्यमंत्री चौहान ने आमंत्रित सिंधी समाज के सदस्यों को चेट्री चंड्र की शुभकामनाएं दी. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी साधना सिंह भी मौजूद थीं. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल के 13 गांवों में लगी भूमि के नामांतरण, बंटवारे और विक्रय पर रोक हटा ली गई है. आठ गांवों को दिये गये नोटिस को भी वापस लिया गया है. भूमि के उपयोग का अधिकार दिया है. उन्होंने कहा कि सिन्धी संस्कृति भारतीय संस्कृति की माथे की बिंदी है. हजारों साल पहले सिन्धु नदी तट पर विकसित सभ्यता हिन्दु सभ्यता है. जब आधुनिक उन्नत प्रगतिशील देश सभ्यता के आरंभिक चरण में थे तब भारत में वेदों की ऋचायें रची जा रही थीं. उन्होंने कहा कि सिंधु संस्कृति ने मानव जाति को नई ऊंचाईयां दी हैं. मानवता को धन्य करने वाले संत दिए हैं. प्रदेश और देश के विकास और समृद्धि में उनका अतुलनीय योगदान है. सिंधी सहित्य और भाषा संरक्षण के कार्य किए जाएंगे.
चौहान ने कहा कि सिंधी वीर और पुरुषार्थी समाज है. भारत विभाजन की विभीषिका के दौरान विस्थापन का दु:ख और दर्द झेला हैं. उन्हें अब कोई कष्ट और दर्द नहीं रहेगा. कहीं जाने की जरुरत नहीं है. नागरिता के अधिकार दिए जा रहे हैं. यह देश-प्रदेश उनका है. इसे प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें. उन्होंने भगवान झूलेलाल के चरणों में नमन करते हुये सबकी सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धी की कामना की. मुख्यमंत्री को पाकिस्तान से आये सिंधी परिवारों की बालिकाओं ने रक्षा सूत्र बांधा. चौहान ने सिंधी समाज के चेट्री-चंड्र पर्व के आनंद और उल्लास में उमंग के साथ भागीदारी की. समाज के सदस्यों के साथ समूह नृत्य में भी शामिल हुए.
कार्यक्रम में जतिन उदासी और मंजूश्री ने सिंधी गीतों की प्रस्तुति दी. कार्यक्रम में इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शंकर लालवानी, नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान, विधायक अशोक रोहाणी, सिंधु सभा के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष लधाराम नागवानी, मध्यप्रदेश सिंधु सभा के प्रदेशाध्यक्ष भगवानदास सबनानी, सिंधी पंचायत भोपाल के अध्यक्ष भगवानदेव इसराणी, पूर्व विधायक शिवा कोटवानी विभिन्न धर्म गुरु, संत महात्मा, प्रबुद्ध नागरिक और प्रदेश के विभिन्न अंचलों के सिंधी समाज के सदस्य उपस्थित थे.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें