मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के नर्मदा घाटी विकास , सामान्य प्रशासन, विमानन, आनंद एवं आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित कल्याण मंत्री लालसिंह आर्य ने कहा है कि ग्रीष्म काल के दौरान जिले में पेयजल उपलब्धता के पर्याप्त प्रबंध रहें. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को पेयजल की आपूर्ति के लिए सजग रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ऐसी नौबत न आए कि कहीं पेयजल संकट पैदा हो. प्रभारी मंत्री सोमवार को जिला मुख्यालय पर पेयजल समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे. बैठक में विधायक बैतूल श्री हेमन्त खण्डेलवाल, विधायक मुलताई चन्द्रशेखर देशमुख, विधायक आमला चैतराम मानेकर, विधायक घोड़ाडोंगरी मंगलसिंह धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष सूरजलाल जावलकर, कलेक्टर शशांक मिश्र, जिला योजना समिति सदस्य जितेन्द्र कपूर, बैतूल नगरपालिका अध्यक्ष अलकेश आर्य सहित नगरीय निकायों के अध्यक्ष एवं जनपद अध्यक्ष व संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपंप के सुधार के लिए पर्याप्त अमला तैनात रहे. प्रत्येक पंचायत को हैण्डपंप सुधारने हेतु 50-50 हजार रूपए राशि देने की व्यवस्था की गई है. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे पेयजल से संबंधित कार्यों की तकनीकी स्वीकृति तत्काल उपलब्ध कराएं. उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर बोर में मोटर डालने की जरूरत है, वहां दो दिनों के अंदर मोटर डालें. बंद नल-जल योजनाएं भी तत्काल चालू की जाए. बैठक में यह भी कहा गया कि शहरी क्षेत्रों में जहां शासकीय परिसरों में ट्यूबवेल उपलब्ध है, उनका उपयोग भी पेयजल आपूर्ति के लिए किया जाए. प्रभारी मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नलजल योजनाओं एवं हैण्डपंप के संधारण के प्रति संबंधित विभाग एवं एजेंसी पूरी तरह सजग रहे.
बैठक में आर्य द्वारा कहा गया कि जिन स्थानों पर पेयजल परिवहन की आवश्यकता प्रतीत हो रही है वहां पूरी मितव्ययिता के साथ पेयजल परिवहन के इंतजाम किए जाएं. आवश्यकता पडेÞ पर निजी बोर भी किराए पर लिए जाएं. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भीषण गर्मी के दौरान आने वाली पेयजल की समस्या के प्रति अधिकारी अभी से गंभीर रहें, ताकि कहीं कोई पेयजल संकट की स्थिति निर्मित न हो. इस दौरान कलेक्टर शशांक मिश्र ने कहा कि जनपद पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी एवं जहां पेयजल के संसाधनों की आवश्यकता होगी, वहां यथोचित पूर्ति की जाएगी. प्रभारी मंत्री ने कहा कि वे आगामी माह में पुन: जिले में पेयजल की स्थिति की समीक्षा करेंगे.

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