गुरुवार, 19 अप्रैल 2018

गांव से शहर नहीं आएगा दूध, सब्जी

 सरकार को घेरने सड़कों पर उतरेंगे किसान
किसान नेता शिवकुमार कक्काजी की अगुवाई में राज्य के आधा दर्जन किसान संगठन किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं. इन संगठनों ने 1 जून से बेमुद्दत ग्राम बंद आंदोलन करने की बात कही है. इस दौरान गांव से शहर न तो सब्जी आएगी और न ही दूध. इतना ही नहीं गांव की सभी वस्तुएं शहर के लिए बंद कर दी जाएंगी. किसान संगठनों का यह बंद आंदोलन देशव्यापी होगा.
भारतीय किसान मजदूर संघ और भारतीय किसान यूनियन किसानों के इस आंदोलन का नेतृत्व करने जा रहा है. इस आंदोलन के तहत संपूर्ण कर्ज माफी होने तक 1 जून से बेमुद्दत ग्राम बंद आंदोलन होगा. मंदसौर में गोली चालन से 6 किसानों की मौत के बाद सरकार प्रायोजित किसान यात्रा और भारतीय किसान संघ की कोशिशों से लगा था कि किसानों में सरकार के प्रति गुस्से में कमी आ रही है. ऐसे में किसानों के मुद्दे उठाने वाले आधा दर्जन संगठनों ने फिर से आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. इसमें पूर्व विधायक डा. सुनीलम, नर्मदा आंदोलन की मेधा पाटकर, पीयूसीएल की माधुरी कृष्णास्वामी शामिल हैं, जो किसान जागरण यात्राएं मालवा, निमाड़ में निकालने की तैयारियों में जुटे हैं. डा. सुनीलम ने बुंदेलखंड में संपर्क करना शुरू कर दिया है.
किसान नेता शिवकुमार शर्मा का कहना है कि  मंदसौर में किसानों पर गोली चलाने वालों पर एफआईआर होने तक संघर्ष जारी रहेगा. शर्मा ने कहा कि पिपलिया मंडी और बूढ़ा गांव में श्रद्धांजलि अर्पित करने जाएंगे, चाहे सरकार गिरफ्तार कर ले. संपूर्ण कर्ज माफी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भावांतर से किसानों के बजाय व्यापारियों का भला हो रहा है.
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेश पाटीदार ने बताया कि किसानों को लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम दिलाने, मंदसौर गोलीकांड के शहीद किसानों के हत्यारों की गिरफ्तारी और संपूर्ण कर्ज माफी की मांग को लेकर 1 जून से प्रदेशव्यापी ग्राम बंद आंदोलन शुरू होगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो घोषणाएं की थी, उन पर अमल नहीं हो रहा है. दूसरी ओर किसानों का उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है.
देशभर में दिखाई देगा असर
किसान नेता शिवकुमार शर्मा ने बताया कि इस आंदोलन का असर मध्यप्रदेश ही नहीं देशभर में दिखाई देगा.उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के आह्वान  पर 1 जून से पूरे देश के 70 करोड़ किसान तथा 5,42,000 गांव अनिश्चितकालीन ग्राम बंद करेंगे. इस दौरान सभी किसान 1 जून से अपना उत्पादन फल सब्जी दूध अनाज शहर लेकर नहीं जाएंगे. उन्होंने बताया कि विगत 5 वर्षों से नेशनल क्राइम ब्यूरो के रिकार्ड के अनुसार किसानों की आत्महत्या में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इन सब ज्वलंत समस्याओं को देखते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने पूरे देश में 1 जून से अनिश्चितकालीन ग्राम बंद बुलाया है इसके लिए प्रत्येक राज्य संगठन को दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है और इसके लिए प्रत्येक जिला संगठन की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है.

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