नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रदेश के कथित मामा बने शिवराज सिंह चौहान से पूछा है कि इंदौर की घटना को लेकर वे समाज को अंदर झांकने की सलाह दे रहे है लेकिन मंत्री रामपाल सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी के मामले में भी वे अपने अंदर झांके ताकि उनका जमीर जागे और मंत्री रामपाल सिंह और उनके पुत्र के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पुलिस को निर्देश दें.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि यह दो कानून दो मुंह वाली सरकार है. जो समाज से अपेक्षा करती हैं लेकिन खुद जो की इस प्रदेश के तंत्र के मुखिया है उसी तंत्र पर इस बात के लिए दबाव डालती है कि अपराधियों आरोपियों पर कार्यवाही मत करों, क्योंकि वे भाजपा सरकार में है उनकी पार्टी से जुड़े हैं. नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा की अपराध कानून बनाने से नहीं रूकते उसके लिए जरूरी है कि जो व्यवस्था हो वह उतनी निष्पक्ष और मुस्तैद हो जो तत्परता पूर्वक कार्यवाही करे. उन्होंने कहा की आज मंत्री रामपाल सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी द्वारा आत्महत्या किए हुए एक माह पांच दिन हो गए लेकिन प्रकरण में दोषियों पर कार्यवाही तो दूर उनसे पूछताछ करने की जुर्रत भी शिवराज सरकार ने नहीं की. मुख्यमंत्री ने इस मामले में जांच हो रही कहा था. ऐसी कौन सी गुत्थी है इस केस में की अभी तक पुलिस इसे सुलझा नहीं पाई जब कि प्रीति के परिजनों ने स्पष्ट रूप से पुलिस में बयान दर्ज करवाया है की रामपाल सिंह उनके पुत्र पर आरोप लगाया है की वे उसकी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार है . नेता प्रतिपक्ष ने कहा की दागियों की फौज अपने मंत्रिमडंल में जमा कर रखी है और समाज से अपेक्षा कर रहे हैं कि वह अपराध रोकने में सहयोग करे. मुख्यमंत्री जी शर्मं करो.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि यह दो कानून दो मुंह वाली सरकार है. जो समाज से अपेक्षा करती हैं लेकिन खुद जो की इस प्रदेश के तंत्र के मुखिया है उसी तंत्र पर इस बात के लिए दबाव डालती है कि अपराधियों आरोपियों पर कार्यवाही मत करों, क्योंकि वे भाजपा सरकार में है उनकी पार्टी से जुड़े हैं. नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा की अपराध कानून बनाने से नहीं रूकते उसके लिए जरूरी है कि जो व्यवस्था हो वह उतनी निष्पक्ष और मुस्तैद हो जो तत्परता पूर्वक कार्यवाही करे. उन्होंने कहा की आज मंत्री रामपाल सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी द्वारा आत्महत्या किए हुए एक माह पांच दिन हो गए लेकिन प्रकरण में दोषियों पर कार्यवाही तो दूर उनसे पूछताछ करने की जुर्रत भी शिवराज सरकार ने नहीं की. मुख्यमंत्री ने इस मामले में जांच हो रही कहा था. ऐसी कौन सी गुत्थी है इस केस में की अभी तक पुलिस इसे सुलझा नहीं पाई जब कि प्रीति के परिजनों ने स्पष्ट रूप से पुलिस में बयान दर्ज करवाया है की रामपाल सिंह उनके पुत्र पर आरोप लगाया है की वे उसकी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार है . नेता प्रतिपक्ष ने कहा की दागियों की फौज अपने मंत्रिमडंल में जमा कर रखी है और समाज से अपेक्षा कर रहे हैं कि वह अपराध रोकने में सहयोग करे. मुख्यमंत्री जी शर्मं करो.

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