बेरोजगार सेना प्रमुख अक्षय हुंका 20 अप्रैल से सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने के विरोध में अनशन पर थे. अनशन के दूसरे दिन प्रसिद्ध राजनैतिक चिंतक और स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव शामिल होकर समर्थन दिया. उनके साथ विचार मप्र के कोर कमेटी सदस्य और पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा, प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुभाष पांडेय और एक्टिविस्ट विनायक परिहार ने भी शामिल होकर समर्थन किया.
विनायक परिहार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह सरकार लगातार जनता की आवाज को दबाना चाहती है और इसलिए धरने की परमिशन देने में भी बहुत परेशान कर रही है जो पूर्णत: अलोकतांत्रिक है. गिरिजा शंकर ने कहा कि इस आंदोलन से पूरे प्रदेश के युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता है इसलिए अक्षय हुंका को अनशन समाप्त कर प्रदेश के युवाओं को जोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में घूमना चाहिए. योगेंद्र यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस देश की राजनीति युवा एवं किसान कर मुद्दों पर होनी चाहिए, तभी देश-प्रदेश का सही विकास होगा. पूरे देश के युवा अपने आक्रोश को आंदोलन में बदल रहे हैं जो एक बड़ी आशा जगा रहा है. दिल्ली से शुरू हुआ आंदोलन 20 राज्यों तक पहुचा, यह इस बात का सबूत है. बेरोजगार सेना द्वारा उठाये जा रहे बेरोजगारी के मुद्दों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस आंदोलन के माध्यम से पूरे प्रदेश के युवाओं को एकत्र कर एक बड़ा आंदोलन प्रदेश की राजधानी में किया जाना चाहिये और उसके पहले हर संभाग में प्रदर्शन किये जाने चाहिए. इस दौरान सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आये अनशनस्थल से ज्ञापन लिया और बेरोजगार सेना की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने का आश्वाशन दिया. विक्रान्त राय ने कहा कि हम इस आंदोलन को किसानों तक भी ले जाएंगे क्योंकि प्रदेश में 60 प्रतिशत किसान हैं और उनके बच्चे भी बेरोजगार हैं. अंत में अक्षय हुंका ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब अनशन समाप्त कर 1 मई से प्रदेश के सभी संभागों में धरने, प्रदर्शन किए जाएंगे और जुलाई में पूरे प्रदेश के युवाओं को एकत्र कर भोपाल में आंदोलन किया जाएगा. कार्यक्रम में बेरोजगार सेना के राज मिश्रा, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, सैयद आबिद हुसैन , कदीर बेग, प्रदीप नापित, संजय मिश्रा और आदर्श मिश्रा समेत अनेक पीड़ित युवाओं ने अपनी बात को रखा और अंत में संकल्प लिया कि अगले 2 माह में अपने अपने जिले में इस आंदोलन को फैलाएंगे.
विनायक परिहार ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह सरकार लगातार जनता की आवाज को दबाना चाहती है और इसलिए धरने की परमिशन देने में भी बहुत परेशान कर रही है जो पूर्णत: अलोकतांत्रिक है. गिरिजा शंकर ने कहा कि इस आंदोलन से पूरे प्रदेश के युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता है इसलिए अक्षय हुंका को अनशन समाप्त कर प्रदेश के युवाओं को जोड़ने के लिए पूरे प्रदेश में घूमना चाहिए. योगेंद्र यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस देश की राजनीति युवा एवं किसान कर मुद्दों पर होनी चाहिए, तभी देश-प्रदेश का सही विकास होगा. पूरे देश के युवा अपने आक्रोश को आंदोलन में बदल रहे हैं जो एक बड़ी आशा जगा रहा है. दिल्ली से शुरू हुआ आंदोलन 20 राज्यों तक पहुचा, यह इस बात का सबूत है. बेरोजगार सेना द्वारा उठाये जा रहे बेरोजगारी के मुद्दों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस आंदोलन के माध्यम से पूरे प्रदेश के युवाओं को एकत्र कर एक बड़ा आंदोलन प्रदेश की राजधानी में किया जाना चाहिये और उसके पहले हर संभाग में प्रदर्शन किये जाने चाहिए. इस दौरान सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आये अनशनस्थल से ज्ञापन लिया और बेरोजगार सेना की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने का आश्वाशन दिया. विक्रान्त राय ने कहा कि हम इस आंदोलन को किसानों तक भी ले जाएंगे क्योंकि प्रदेश में 60 प्रतिशत किसान हैं और उनके बच्चे भी बेरोजगार हैं. अंत में अक्षय हुंका ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब अनशन समाप्त कर 1 मई से प्रदेश के सभी संभागों में धरने, प्रदर्शन किए जाएंगे और जुलाई में पूरे प्रदेश के युवाओं को एकत्र कर भोपाल में आंदोलन किया जाएगा. कार्यक्रम में बेरोजगार सेना के राज मिश्रा, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, सैयद आबिद हुसैन , कदीर बेग, प्रदीप नापित, संजय मिश्रा और आदर्श मिश्रा समेत अनेक पीड़ित युवाओं ने अपनी बात को रखा और अंत में संकल्प लिया कि अगले 2 माह में अपने अपने जिले में इस आंदोलन को फैलाएंगे.

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