लोकायुक्त पुलिस द्वारा युवक को चाही गई जानकारी नहीं दी तो सूचना आयुक्त ने मामले को लेकर लोकायुक्त पुलिस पर 25 हजार रुपए का जुर्माना करते हुए विभागीय कार्रवाई करने का नोटिस दिया है.
अनूपपुर निवासी नौशाद खान ने 22 दिसंबर 2018 को पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त रीवा से कोतमा वनपरिक्षेत्र में दर्ज प्रकरण की जानकारी मांगी थी. लोकायुक्त पुलिस ने जानकारी देने से मना कर दिया था. बाद में लोकायुक्त प्रथम अपीलीय अधिकारी ने भी जानकारी देने से मना करते हुए अपीलकर्ता नौशाद खान की अपील को खारिज कर दिया था. इस मामले को लेकर सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने इस प्रकरण में सुनवाई करते हुए लोकायुक्त कार्यालय द्वारा जानकारी नहीं देने को विधि विरुद्ध ठहराया. अपने आदेश में राहुल सिंह ने कहा कि इस प्रकरण में लोकायुक्त पुलिस की वैश्वासिक नातेदारी स्वयं अपीलकर्ता के साथ बनी हुई है क्योंकि अपीलकर्ता द्वारा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही लोकायुक्त ने अपराध पंजीबद्ध किया था. अपीलकर्ता को हक है यह जानने का कि उसकी शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने क्या कार्रवाई की है.
सूचना आयुक्त सिंह ने आदेश में कहा कि लोकायुक्त पुलिस ने धारा 81 ए को संपूर्णता में नहीं लिया क्योंकि इसी धारा में लोकहित होने पर जानकारी देने का भी प्रावधान है. सूचना आयोग का इस प्रकरण में मत है कि जानकारी देने से भ्रष्टाचारी विरोधी व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित होगी. सिंह ने इस मामले में लोकायुक्त पुलिस को सचेत करते हुए कहा कि जानकारी नहीं देने के लिए धारा 8 का प्रयोग लोक सूचना अधिकारी को सोच समझ कर करना चाहिए. धारा 8 की व्याख्या ऐसी नहीं करनी चाहिए कि जिस प्रयोजन के लिए सूचना के अधिकार कानून का जन्म हुआ उस पर सवालिया निशान लग जाए.
आयुक्त सिंह ने अपीलकर्ता को नि:शुल्क जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश लोकायुक्त पुलिस को दिए है. सूचना आयुक्त ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने लोक सूचना अधिकारी लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रीवा के विरुद्ध 25 हजार जुर्माने एवं विभागीय कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

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