![]() |
| दिग्विजय सिंह |
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केन्द्र सरकार पर प्रदेश के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है. राज्य के सभी 39 सांसदों को पत्र लिखा है, पत्र में योजनाओं के लिए केन्द्र द्वारा किए जा रहे प्रदेश के साथ भेदभाव का जिक्र किया है. साथ ही जल्द ही वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मुद्दे को लेकर बातचीत करने के लिए मुलाकात भी करेंगे.
मध्यप्रदेश के साथ सौतेले व्यवहार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के सभी 39 सांसदों को पत्र लिखा है. इन सांसदों में लोकसभा के 29 और राज्यसभा के 10 सांसद शामिल हैं. दिग्विजय सिंह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. सिंह ने अपनी चिट्ठी में केंद्र सरकार की तरफ से योजनाओं को लेकर हो रहे भेदभाव का भी जिक्र किया है. सिंह ने इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान और विकास की योजनाओं के लिए केंद्र सरकार के किए जा रहे भेदभावपूर्ण रवैए का उल्लेख किया है. सिंह ने अपने पत्र में सभी सांसदों से कहा है कि प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर प्रदेश की जरूरतों के बारे में सभी सांसद उन्हें बताएं. सिंह ने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के लिए यूरिया सहित पेयजल योजनाओं की राशि नहीं दिए जाने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है.
उन्होंने पत्र में केंद्र सरकार के 14वें वित्त आयोग की राशि का हिस्सा 90 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत करने को प्रदेश की जनता के हितों के विरुद्ध बताया है.उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रदेश की जनता के विश्वास और विवेक को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. सभी सांसदों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दिल्ली में साथ चलकर प्रदेश के लिए केंद्र सरकार से मांग करने और मांग पूरी नहीं होने पर विरोध-प्रदर्शन करने की अपील की है. सिंह ने पत्र में लिखा है कि केन्द्रीय करों के हिस्से में वर्ष 2018-19 में केन्द्र प्र्रायोजित योजनाओं का 6547 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को कम दी गई, जिससे प्रदेश का समावेशी विकास बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
सांसदों को लेना है केन्द्र से जनता का हक
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह न ेसांसदों को लिखे पत्र में कहा है कि केन्द्र सरकार हमारे प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, हमारे प्रदेश की जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है और हम सब सांसदों की जिम्मेदारी है कि हम जनता के हितों की रक्षा करें, इसलिए हमारा फर्ज है कि हम केद्र सरकार से आग्रह करें कि वह हमारे प्रदेश की जनता के साथ सौतेला व्यवहार न करे. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा के ज्यादा सांसदों को चुनकर भेजा है, जिस जनता भाजपा पर इतना भरोसा किया, वह निश्चय ही भाजपा की केन्द्र सरकार से बेहतर बर्ताव की हकदार है और प्रदेश की जनता का यही हक हम सब सांसदों को दिलाना है.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें