गुरुवार, 7 नवंबर 2019

‘टूल’ के रुप में प्रयोग किया विधानसभा अध्यक्ष को: राकेश सिंह

राकेश सिंह 

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आज के आदेश ने यह साबित कर दिया कि विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा लिया गया निर्णय राजनीतिक, द्वेषपूर्ण एवं अपरिपक्व था. इस निर्णय ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस की सरकार बहुमत हासिल कर ले, इसके लिए कांग्रेस किसी भी स्थिति तक जाने के लिए तैयार है. कांग्रेस ने इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष का एक टूल के रूप में प्रयोग किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.
 यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने गुरुवार को पार्टी विधायक प्रहलाद लोधी की सजा पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कही.  सिंह ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने  लोधी के मामले में न तो राज्यपाल की अनुमति ली और न ही उन्हें उच्च न्यायालय की शरण में जाने का समय दिया और जल्दबाजी में उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी. हमने उस समय भी कहा था कि विधानसभा की गरिमा के प्रति हमारे मन में पूरा सम्मान है, लेकिन इस तरह से निर्णय नहीं लिए जाते. हम आज फिर से कहते हैं कि हम विधानसभा और विधानसभा अध्यक्ष का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन इस तरह के निर्णयों से बचना चाहिए, क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष किसी पार्टी का सदस्य नहीं होता. अध्यक्ष सभी विधायकों के अभिभावक के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करते हैं.
शिवराज ने कहा न्याय के मंदिर से मिला न्याय
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें न्याय के मंदिर से न्याय मिला हैै. हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था. उन्होंने कहा कि अब विधानसभा अध्यक्ष को भी अपनी कुर्सी की लाज बचाते हुए प्रहलाद लोधी की सदस्यता बहाल करना चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से खाली पड़े सरकारी पदों पर भर्ती निकालने की अपील की है. शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश के युवा बेरोजगार होकर ओवरएज हो रहे हैं. जबकि लंबे वक्त से कई विभागों में पद खाली पड़े हैं. इसलिए युवाओं को रोजगार दिया जाए और भर्तियां निकाली जाएं.

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