मध्यप्रदेश में नगर निगमों के परिसीमन और विखंडन को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले आते ही इसे लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिकर भोपाल नगर निगम के विखंडन की प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की है.
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने कहा है कि उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नगरीय निकायों का परिसीमन और विखण्डन नहीं किया जा सकता. अत: भोपाल नगर निगम के विखंडन की प्रक्रिया को भी त्वरित प्रभाव से स्थगित किया जाना चाहिए. प्रदेश अध्यक्ष ने इस संबंध में मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को पत्र लिखकर भोपाल नगर निगम के विखंडन की प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की है. पत्र में उन्होंने कहा है कि भोपाल नगर पालिक निगम की सीमाओं के परिवर्तन के संबंध में कलेक्टर भोपाल द्वारा जारी अधिसूचना नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना दिनांक 23 जनवरी 2019 पर आधारित है, जिसके माध्यम से नगर पालिक अधिनियम 1956 धारा 405 (1) के तहत कुछ क्षेत्रों को घटाने और बढ़ाने के संबंध में प्रकाशन हेतु अधिकार जिला कलेक्टर को सौंपे गए थे, लेकिन उच्च न्यायालय इंदौर की खण्डपीठ द्वारा इस अधिसूचना को स्थगित कर दिया गया है.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भोपाल नगर पालिका के संबंध में सीमाओं को परिवर्तित करने संबंधी कोई कार्यवाही करने का अधिकार शासन को नहीं रह जाता. इसलिए इस प्रक्रिया को स्थगित किया जाना चाहिए. प्रदेश अध्यक्ष के पत्र की प्रति प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास तथा सभी जिला कलेक्टरों को भेजी गयी है.

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