विशेष अदालत ने मुख्य दलाल को सुनाया 10 साल का कारावास
व्यापम की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा-2013 के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी पाए गए 31 आरोपियों में से 30 को 7-7 साल और मुख्य दलाल प्रदीप कुमार त्यागी को 10 साल की सजा सुनाई है. गत 21 नवबंर को सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में शामिल सभी 31 आरोपियों को दोषी करार दिया था और 25 नवंबर के लिए फैसला आरक्षित कर दिया था.
न्यायाधीश एस बी साहू की विशेष अदालत के द्वारा आज जिन्हें सजा दी गई है, उसमें 12 परीक्षार्थी, 12 साल्वर (जिन्होंने मुख्य परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दी) और 7 दलाल शामिल हैं.
30 को सात-सात साल की सजा
सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा राहुल पांडे, आशीष कुमार पांडे, कुलविजय, अभिषेक कटियार, सुयश सक्सेना, प्रभाकर शर्मा, नीरज उर्फ टिंकू, अनिल यादव, अजय सांकेरवार, धरमेश साहू, फूलकुंवर, देवेंद्र साहू, अजीत चौधरी, भूपेंद्र सिंह तोमर, संतोष शर्मा, चंद्रपाल कश्यप, पंजाब साहू, रविशंकर, नावीस जाटव, मुकेश साहू, अरूण गुर्जर, उदयभान साहू, दानिश धाकड़, अंतनदर साहू, पृथ्वेंद्र साहू, सुदीप शर्मा, अजय प्रताप साहू, कल्यानी साहू सिकरवार, गुलवीर सिंह जाट, राजवीर सिंह को विशेष अदालत के द्वारा सात-सात साल की सजा दी गई .
मुख्य दलाल को दस साल की सजा
इस सारे मामले में मुख्य दलाल के तौर पर उभरे प्रदीप कुमार त्यागी को विशेष न्यायाधीश एसबी साहू के द्बारा 10 साल की सजा सुनाई गई.
सभी को भेजा जेल : विशेष न्यायाधीश एसबी साहू के द्बारा सजा सुनाए जाने के बाद सभी 31 अभियुक्तों को केन्द्रीय जेल भोपाल भेज दिया गया. दोषी ठहराए गए आरोपियों में से ज्यादातर भिंड, मुरैना और कानपुर के रहने वाले हैं.
बीते गुरुवार पाया गया था दोषी
सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश एसबी साहू ने बीते गुरुवार 21 नवंबर को सभी 31 अभियुक्तों को दोषी करार दिया था. इसके साथ ही सजा सुनाए जाने की तारीख 25 नवंबर तय की थी. सभी अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 419 और 120 ते तहत मामले दर्ज किए गए थे.
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने संवाददातों को बताया कि यह परीक्षा 15 सितंबर 2013 को हुई थी. परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की शिकायतों के बाद राजधानी भोपाल और दतिया के सेंटरों पर कार्रवाई के दौरान 31 आरोपी बनाए गए थे. सर्वोच्च न्यायालय आदेश के बाद यह मामला एसटीएफ से सीबीआई को सौंपा गया था. विशेष अदालत में 90 गवाहों के बयान और 450 से अधिक अहम दस्तावेजों को साक्ष्य में लिया गया.
विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि सीबीआई ने व्यापम घोटाले में 170 एफआईआर दर्ज की थीं. इनमें से 143 में चार्जशीट हो चुकी है. इनमें से 20 मामलों में जांच बंद की जा चुकी है. सात प्रकरणों में अभी जांच जारी है.
गौरतलब है कि 7 जुलाई, 2013 को पहली बार व्यापमं घोटाले का मामला सामने आया. तब इंदौर की क्राइम ब्रांच ने व्यापम की परीक्षा में गड़बड़ी करने के आरोप में 20 लोगों के खिलाफ मामला दायर किया. तब किसी को इस बात का अंदाज नहीं था कि व्यापम की परीक्षाओं में इतना बड़ा घोटाला सामने आएगा.
व्यापम की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा-2013 के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी पाए गए 31 आरोपियों में से 30 को 7-7 साल और मुख्य दलाल प्रदीप कुमार त्यागी को 10 साल की सजा सुनाई है. गत 21 नवबंर को सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में शामिल सभी 31 आरोपियों को दोषी करार दिया था और 25 नवंबर के लिए फैसला आरक्षित कर दिया था.
न्यायाधीश एस बी साहू की विशेष अदालत के द्वारा आज जिन्हें सजा दी गई है, उसमें 12 परीक्षार्थी, 12 साल्वर (जिन्होंने मुख्य परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दी) और 7 दलाल शामिल हैं.
30 को सात-सात साल की सजा
सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा राहुल पांडे, आशीष कुमार पांडे, कुलविजय, अभिषेक कटियार, सुयश सक्सेना, प्रभाकर शर्मा, नीरज उर्फ टिंकू, अनिल यादव, अजय सांकेरवार, धरमेश साहू, फूलकुंवर, देवेंद्र साहू, अजीत चौधरी, भूपेंद्र सिंह तोमर, संतोष शर्मा, चंद्रपाल कश्यप, पंजाब साहू, रविशंकर, नावीस जाटव, मुकेश साहू, अरूण गुर्जर, उदयभान साहू, दानिश धाकड़, अंतनदर साहू, पृथ्वेंद्र साहू, सुदीप शर्मा, अजय प्रताप साहू, कल्यानी साहू सिकरवार, गुलवीर सिंह जाट, राजवीर सिंह को विशेष अदालत के द्वारा सात-सात साल की सजा दी गई .
मुख्य दलाल को दस साल की सजा
इस सारे मामले में मुख्य दलाल के तौर पर उभरे प्रदीप कुमार त्यागी को विशेष न्यायाधीश एसबी साहू के द्बारा 10 साल की सजा सुनाई गई.
सभी को भेजा जेल : विशेष न्यायाधीश एसबी साहू के द्बारा सजा सुनाए जाने के बाद सभी 31 अभियुक्तों को केन्द्रीय जेल भोपाल भेज दिया गया. दोषी ठहराए गए आरोपियों में से ज्यादातर भिंड, मुरैना और कानपुर के रहने वाले हैं.
बीते गुरुवार पाया गया था दोषी
सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश एसबी साहू ने बीते गुरुवार 21 नवंबर को सभी 31 अभियुक्तों को दोषी करार दिया था. इसके साथ ही सजा सुनाए जाने की तारीख 25 नवंबर तय की थी. सभी अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 419 और 120 ते तहत मामले दर्ज किए गए थे.
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने संवाददातों को बताया कि यह परीक्षा 15 सितंबर 2013 को हुई थी. परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की शिकायतों के बाद राजधानी भोपाल और दतिया के सेंटरों पर कार्रवाई के दौरान 31 आरोपी बनाए गए थे. सर्वोच्च न्यायालय आदेश के बाद यह मामला एसटीएफ से सीबीआई को सौंपा गया था. विशेष अदालत में 90 गवाहों के बयान और 450 से अधिक अहम दस्तावेजों को साक्ष्य में लिया गया.
विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि सीबीआई ने व्यापम घोटाले में 170 एफआईआर दर्ज की थीं. इनमें से 143 में चार्जशीट हो चुकी है. इनमें से 20 मामलों में जांच बंद की जा चुकी है. सात प्रकरणों में अभी जांच जारी है.
गौरतलब है कि 7 जुलाई, 2013 को पहली बार व्यापमं घोटाले का मामला सामने आया. तब इंदौर की क्राइम ब्रांच ने व्यापम की परीक्षा में गड़बड़ी करने के आरोप में 20 लोगों के खिलाफ मामला दायर किया. तब किसी को इस बात का अंदाज नहीं था कि व्यापम की परीक्षाओं में इतना बड़ा घोटाला सामने आएगा.

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