जाति बदल-बदल कर लड़े चुनाव, अब सदस्यता खतरे में, भाजपा करेगी शिकायतभाजपा के विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद अब कांग्रेस विधायक जजपाल जज्जी की सदस्यता खतरे में पड़ती नजर आ रही है. जज्जी पर आरोप है कि उन्होंने जाति बदल-बदल कर चुनाव लड़ा और जीते भी. इस मामले को लेकर भाजपा अब राज्यपाल से मिलकर शिकायत कर उनकी सदस्यता समाप्त कराने की तैयारी कर रही है.
मध्यप्रदेश की सियासत में अभी भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता बर्खास्त होने का मामला थमा नहीं था कि प्रदेश के एक और विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कांग्रेस विधायक जजपाल सिंह जज्जी की सदस्यता खतरे में पड़ती नजर आ रही है. जज्जी पर आरोप है कि उन्होंने जाति बदल-बदल कर चुनाव लड़ा है. पहले वे सामान्य कोटे से जनपद सदस्य निर्वाचित हुए फिर कीर जाति के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षित नगरपालिका परिषद अशोकनगर के अध्यक्ष बने. जिसके बाद खुद को नट जाति का बताकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीट अशोकनगर से चुनाव लड़े और विधायक चुने गए. वहीं पुलिस और प्रशासन की जांच में जज्जी का सिख जाति का होना पाया गया.
इस मामले को लेकर अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की छानबीन समिति ने विधायक से पूरे मामले की जानकारी चाही है. विधायक ने जानकारी देने के लिए 15 दिन का वक्त मांगा था, जो 20 नवंबर को समाप्त हो जाएगा. 20 नवंबर को मामला छानबीन समिति को दे दिया जाएगा, जहां से मामले का फैसला होगा. वहीं विधानसभा सचिवालय का कहना है कि फैसला आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
यह है मामला
वर्ष 2013 में अशोक नगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को लेकर काम करने वाली उच्च स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष शिकायतें आई थी, जिसमें 16 सितंबर 2013 को उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया था. बाद में जज्जी ने अदालत जाकर समिति के फैसले को चुनौती दी थी. कोर्ट से उन्हें स्टे मिल गया था. इसके बाद विधानसभा चुनाव में भी इस मामले ने तूल पकड़ा था. अब भाजपा ने प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्त होने के बाद इस मामले को फिर से उठाने और जज्जी की सदस्यता समाप्त कराने का मन बनाया है.
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