सोमवार, 25 नवंबर 2019

राजनीति के संत को दी अंतिम विदाई


मध्यप्रदेश के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी का आज प्रदेश भाजपा कार्यालय सें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. राजनीतिक के इस संत के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थिति रहे.
पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी का पार्थिव शरीर आज उनके 74 बंगले स्थित निवास पर दर्शनार्थ रखा गया. यहां पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि दी. कमल नाथ ने स्वर्गीय  जोशी के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित किया. उन्होंने जोशी के पुत्र  दीपक एवं अन्य परिजनों को सांत्वना दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में  कैलाश जोशी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.  जोशी के निवास पर मुख्यमंत्री के अलावा भाजपा और कांग्रेस के बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे.  जोशी को श्रद्धांजलि देने के बाद जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, खेल मंत्री जीतू पटवारी, श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कैलाश जोशी को याद करते हुए कहा कि उनका जाना मध्यप्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है. उनका राजनीतिक जीवन शांत और पूरी तरह से साफ-सुथरा रहा है. ऐसे राजनेता काफी कम ही मिलते हैं. जोशी का पार्थिव शरीर उनके निवास से भाजपा कार्यालय ले जाया गया, जहां पर बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि जोशी आज हम सबके बीच नहीं है, यह दुखद वातावरण आज भाजपा परिसर में दिखाई दे रहा है. भाजपा का हर कार्यकर्ता उनके निधन से दुखी है. तोमर ने कहा कि जोशी सार्वजनिक जीवन के आदर्श कार्यकर्ता थे, नेता थे और आदर्श प्रशासक थे. भाजपा कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि  वे आम जन के नायक थे. उनका जाना मध्यप्रदेश के करोड़ों करोड़ लोगों की आंखों को नम कर गया. आपको कभी भुलाया न जा सकेगा. उन्होंने कहा कि उनके कारण ही भाजपा का यह भव्य स्वरूप है. हमारे लिए, हर जनप्रतिनिधि के लिए उनका जीवन और उनकी कार्यप्रणाली आज प्रेरणा का स्रोत है.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज जब वे संसार को छोड़कर गए, हम सभी भारतीय जनता पार्टी परिवार के लिए यह दुख की घड़ी है.  मैं अपनी ओर से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताआेंं की ओर से उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं. उन्होंने कहा कि बेदाग छवि के साथ राजनीति में  उन्होंने प्रवेश किया. लगभग आधी सदी से ज्यादा समय तक हम सभी का मार्गदर्शन किया, बहुत कम प्रमाण ऐसे मिलते हैं जहां कोई व्यक्ति राजनीति में इतनी ऊंचाइयों को छुए.

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