बुधवार, 13 नवंबर 2019

बहुमत बनाए रखने के लिए सदस्यता बहाल नहीं कर रही सरकार

भाजपा का प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात


मध्यप्रदेश में भाजपा विधायक की सदस्यता समाप्त को लेकर मचा  घमासान थम नहीं रहा है. भाजपा ने आज आरोप लगाया कि बहुमत बनाए रखने के लिए  विधायक की सदस्तयता को कमलनाथ सरकार बहाल नहीं कर रही है.इस मामले को लेकर आज फिर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल लालजी टंडन से मिला.
भाजपा के पवई से विधायक प्रहलाद लोधी को विशेष अदालत से सजा मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति द्वारा उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई. इसके बाद हाईकोर्ट से विधायक की सजा पर स्टे मिल गया. तभी से भाजपा नेता इस बात को लेकर सरकार को घेरते आ रहे हैं कि लोधी की सदस्यता बहाल कर दी जाए. आज प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने फिर से राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. राज्यपाल से मुलाकात के बाद प्रदेश 
भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि  मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार सीधे-सीधे संविधान की धज्जियां उड़ा रही है. बीते 8 दिनों से विधायक की सदस्यता को लेकर राजनीति की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार यह सब विधानसभा में बहुमत बनाए रखने के लिए कर रही है. उन्होंने कहा कि आज हमने फिर से राज्यपाल से मुलाकात की और उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने का निवेदन किया.  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात का समय मांगा तो उन्होंने समय नहीं दिया. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ऐसा किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. 
प्रहलाद लोधी ने आरोप लगाए कि इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक मुकेश नायक पर्दे के पीछे हैं. वे ही यह सब-कुछ करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नायक एक तरह से मेरी राजनीतिक हत्या कर रहा हैं. वे बड़ा खेल खेल रहे हैं. लोधी ने कहा कि मुझे कानून और राज्यपाल पर पूरा भरोसा है, जल्द ही मुझे न्याय मिलेगा.
वहीं नेता प्रतिपक्षा गोपाल भार्गव ने कहा विधानसभा अध्य्क्ष का फैसला असंवैधानिक है, इसीलिए हम राज्यपाल से मिले हैं. 8 दिन बाद भी हाईकोर्ट के आदेश के पालन नहीं हुआ है. भाजपा प्रतिनिधि मंडल को राज्यपाल ने आश्वासन दिया है, जो विधि सम्मत होगा वह करेंगे.
पक्षपाती हो गए हैं विधानसभा अध्यक्ष
प्रतिनिधि मंडल के साथ राज्यपाल से मिलने गए पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पक्षपाती हो गए हैं. उन्होंने कहा कि हम इस मामले को लेकर विधानसभा जाएंगे. चौहान ने प्रदेश में बढ़ रहे डेंगू के कहर को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि समय पर रखरखाव के अभाव में नहरें फूट रही हैं और पानी किसानों के खेतों में जा रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं. सकी जांच होना चाहिए और इसके पीछे जिÞम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
अध्यक्ष को है सदस्यता बहाल करने का अधिकार 
जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने निष्कासित विधायक प्रहलाद लोधी के मामले में भाजपा नेताओं के राज्यपाल से मिलने पर कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. विधायक की सदस्यता बहाल करने का अधिकार राज्यपाल को नहीं विधानसभा अध्यक्ष के पास है. भाजपा के तीन विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के दावे को लेकर शर्मा का कहना है कि जब राजभवन में चीफ जस्टिस की शपथ हुई थी, उसी समय मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बात को पहले ही कहा था, जिसकी वे पुष्टि करते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग संपर्क में हैं. जब भी फ्लोर टेस्ट कराया जाएगा, तो सच्चाई सामने आ जाएगी. फिलहाल जनसंपर्क मंत्री ने विधायकों के नाम बताने से मना कर दिया.
बिना अधिकार के उसका उपयोग नहीं किया जाता
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भाजपा नेताओं का राज्यपाल से मिलना स्वाभाविक प्रक्रिया बताया है, उनकी सदस्यता निरस्त की गई है तो भाजपा अपनी पूरी कोशिश करेगी, जितने दरवाजे होंगे वह खटखटाएगी. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदस्यता समाप्त किए जाने के अधिकार न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के पास अधिकार होते हैं. बिना अधिकार के अध्यक्ष उसका उपयोग नहीं कर सकते हैं. ये बात अलग है कि शिवराज सिंह चौहान को ये पसंद नहीं है. शिवराज सिंह चौहान आज कुर्सी पर होते और कांग्रेस विधायक का मामला होता तो यही करते और हम लोग राज्यपाल से मिलने जा रहे होते.

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