शुक्रवार, 15 नवंबर 2019

पेंशनरों को हर साल नहीं देना होगा जीवन प्रमाण पत्र


मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के करीब 4 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने से बैंक से पेंशन रिलीज की जा सकेगी.
वित्त मंत्री तरूण भनोत ने कहा है कि पेंशनर द्वारा डिजीटल स्वरूप में जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के लिए जारी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा पेंशनर की सुविधा के लिए डिजीटल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये थे. समस्त बैंक यह सुविधा सुनिश्चित करें. इसकी मानीटरिंग के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. राज्य स्तरीय बैंकिग कमेटी की प्रतिमाह होने वाली बैठक में भी इस सुविधा की समीक्षा की जाएगी. यह सुविधा पेंशनर को हर वर्ष बैंक जाने की बाध्यता से मुक्ति दिलाने के लिए आरंभ की गई है. वित्त मंत्री ने यह बात पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट के दौरान कही. पेंशनर संगठनों द्वारा वित्त मंत्री से भेंट कर प्रतिवर्ष बैंक में जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने में आ रही कठिनाई से उन्हें अवगत कराया था.
उल्लेखनीय है कि पेंशन नियमों के अंतर्गत राज्य शासन के सभी पेंशनरों को प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर की स्थिति में जीवित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का प्रावधान है. यह प्रमाण-पत्र पेंशनर जिस बैंक शाखा से पेंशन प्राप्त करते हैं, वहां प्रस्तुत करना होता है. पेंशनर को बैंक में हर वर्ष जाने की बाध्यता से मुक्त करने के प्रयोजन से राज्य शासन द्वारा विगत वर्षों में डिजीटल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा विकसित कर निर्देश जारी किए गए थे.

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