रविवार, 3 नवंबर 2019

पूर्व मंत्री ने आदिवासी की जमीन कराई पत्नी के नाम

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का आरोप
मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के ग्राम सकरिया निवासी भिखमतिया कोल की पैतृक जमीन राज्य के पूर्व मंत्री और अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने षडयंत्रपूर्वक अपनी पत्नी जगोतिया बाई के नाम कर ली और पीड़ित आदिवासी वृद्ध महिला न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खा रही है. 
यह आरोप आज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामलाल रौतेले ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता में लगाए. रौतेले के साथ पीड़ित आदिवासी महिला भिखमतिया कोल, पुत्र संतोष कोल और उसके परिजन भी मौजूद थे. रौतेले ने कहा कि अनूपपुर के ग्राम सकरिया निवासी भिखमतिया कोल की पैतृक साढ़े 9 एकड़ जमीन में से तत्कालीन पटवारी रमेश सिंह गौड़ द्वारा 2007 में 20 डिसमिल जमीन का सौदा किया गया था, लेकिन उससे अधिक भूमि पर कब्जा कर लिया गया. वृद्ध महिला द्वारा शिकायत करने पर पटवारी रमेश सिंह द्वारा बहला-फुसला कर उस जमीन को अपनी पत्नी बेला बाई के नाम करवा लिया गया. साथ ही पीड़िता से कोरे कागजों पर अंगूठा लगवाया गया था.  उन्होंने कहा कि  पीड़िता को बिना जानकारी के और कोई सौदा किए बगैर जमीन के कुछ हिस्से का नामांतरण पूर्व मंत्री और अनूपपुर के कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह ने अपनी पत्नी के नाम करवा लिया. पीड़ित परिवार जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से मिला लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. 
पटवारी को करें बर्खास्त, वापस दिलाएं जमीन
उन्होंने कहा कि इस मामले में पटवारी रमेश सिंह द्वारा धोखाधड़ी की गई और षडयंत्रपूर्वक जमीन के कागजों में हेराफेरी की गई. उन्होंने मांग की है कि पटवारी को शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जाए. साथ ही जिस जमीन पर पूर्व मंत्री और विधायक बिसाहूलाल सिंह का कब्जा है, उसे तत्काल बेदखल कर पीड़िता को दिया जाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ आदिवासियों के संरक्षण और उनको अधिकार संपन्न बनाएं जाने की वकालत करते हैं, लेकिन उनके ही विधायक आदिवासियों का शोषण कर रहे हैं. 

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