मंगलवार, 5 नवंबर 2019

तृतीय वर्ग कर्मचारियों का आंदोलन 7 से


मध्यप्रदेश में तृतीय वर्ग कर्मचारी अपनी 24 सूत्री मांगों को लेकर 7 नवंबर से आंदोलन करेंगे. आंदोलन के पहले चरण में तहसील, ब्लाक सतर पर प्रदर्शन किया जाएगा. जबकि दूसरे चरण में 11 नवंबर से जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा. आंदोलन के तीसरे चरण में प्रदेश स्तरीय धरना राजधानी भोपाल में दिया जाएगा.
तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा कर्मचारियों की लंबित मांगे जिसमें 5 फीसदी महंगाई भत्ता , सातवें वेतनमान के सभी भत्ते केन्द्रीय दर पर दिये जाएं, विभिन्न कैडर की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए, प्रदेश के लिपिकों के लिये गठित रमेशचन्द्र शर्मा समिति की 23 अनुसंशाओं को लागू किया जाए, शिक्षकों को पदोन्नत पदनाम दिए जाएंं, ई अटेंडेंस समाप्त की जाए, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पूरानी पेंशन योजना लागू की जाए, संविदा प्रथा समाप्त कर सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की जाए, केंद्रीय वेतनमान की ग्रेड वेतन विसंगति दूर करने, अध्यापक विभिन्न वर्गों की वेतन ,आंगनबाड़ी स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता को न्यूनतम वेतन 15 हजार दिए जाने आदि प्रमुख है की ओर सरकार का ध्यान खीचने के लिए तीन चरणों में आंदोलन किया जाएगा. आंदोलन के प्रथम चरण में 7 नवंबर को तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर कर्मचारी एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे एवं मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपेगे. आंदोलन की तैयारी को लेकर संभाग स्तर पर ग्वालियर, रीवा एवं शहडोल संभाग में बैठक आयोजित की गई है. आंदोलन के दूसरे चरण में 11 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर तथा तृतीय चरण में 17 जनवरी को पूरे प्रदेश के प्रतिनिधि भोपाल में एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपेंगे.

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