शुक्रवार, 8 नवंबर 2019

विधायक की सदस्यता को लेकर ऊहापोह, भाजपा ने बोला हमला

नर्मदा प्रसाद प्रजापति 
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि फैसला लेने में नहीं दिखाई जल्दबाजी, जाएंगे सुप्रीम कोर्ट 

मध्यप्रदेश में भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की विधानसभा की सदस्यता खत्म किए जाने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बन गई है. भाजपा ने अब विधानसभा अध्यक्ष पर हमला बोलाना शुरु कर दिया है. मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने साफ कहा है कि उन्होंने फैसला लेने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी. वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अगर अध्यक्ष विधायक को अदालत जाने तक का मौका देते तो यह स्थिति हीं नहीं बनती. अध्यक्ष ने फैसले में जल्दबाजी दिखाई है.
मध्यप्रदेश के पवई विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद हाईकोर्ट द्वारा स्थगन मिलने पर भाजपा और विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति के बीच टकराव की स्थिति निर्मित होती जा रही है. विधानसभा के शीतकालीन सत्र की आज तारीख घोषित किए जाने के साथ ही लोधी की सदस्यता को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है. भाजपा अपने विधायक की विधायकी को बचाना चाहती है, ताकि उसकी संख्या कम न हो, मगर विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति की कार्यशैली ने भाजपा की चिंता को और बढ़ा दिया है. विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने आज साफ कर दिया कि उन्होंने प्रहलाद लोधी के मामले में फैसला लेने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है, जो फैसला लिया वह अदालत के फैसले के अनुरुप ही लिया है. विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे. वैसे इस मामले को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है. वहीं भाजपा ने भी साफ कर दिया है कि लोधी की सदस्यता अगर समाप्त की गई तो वह भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. 
विधानसभा सचिवालय भी इस मामले को लेकर गंभीर है. सचिवालय का कहना है कि हाईकोर्ट ने सजा पर स्थगन दिया है.  इस मामले का विधिक परीक्षण कराया जाएगा. विधिक परामर्श लेने के बाद ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा.
गौरतलब है कि गुरुवार को पवई विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी को हाई कोर्ट ने राहत देते हुए सजा पर रोक लगा दी थी. साथ ही कोर्ट ने विधायक प्रहलाद लोधी को 40 हजार रुपए का बांड जमा करने का आदेश दिया था. बता दें कि तहसीलदार से मारपीट करने के मामले में दोषी पाए जाने पर प्रहलाद लोधी को दो साल की सजा सुनाई गई थी. विशेष अदालत के इस फैसले के बाद विधानसभा ने उनकी सदस्यता रद्द कर दिया गया था.
वी.कांताराव 
आयोग ने अदालत के निर्णय के अनुरुप लेंगे फैसला
भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता समाप्त किए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना दे दी है, मगर अभी तक निर्वाचन आयोग द्वारा पवई विधानसभा सीट को रिक्त घोषित नहीं किया गया है. गुरुवार को हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रहलाद लोधी मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी.कांताराव ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. उन्होंने साफ कहा है कि वे अदालत के फैसले के अनुरुप ही निर्णय लेंगे. उन्होंने कहा कि अदालत ने सजा पर स्थगन दिया है तो अगर विधानसभा सचिवालय इस आधार पर कोई संशोधन कर कार्यवाही करने का आग्रह करेगा तो हम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप फैसला लेंगे.
लोधी हमारे विधायक थे और अब भी हैं
नरोत्तम मिश्रा 

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने  कहा  कि विधासनभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले एक विधायक के बारे में भी सोचना चाहिए. हम इतनी जल्दी फैसला नहीं लेते हैं, उन्हें सोच समझकर फैसला लेना चाहिए.  मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि अगर विधायक लोधी को कोर्ट जाने की मोहलत दी जाती, तो शायद ये नौबत नहीं आती हाईकोर्ट के बयान का हवाला देते हुए. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने जल्दबाजी में फैसला लिया हैं. ऐसा हाईकोर्ट ने भी कहा है. उन्होंने कहा कि  अभी तक चुनाव आयोग ने सीट रिक्त नहीं की है  लोधी हमारे तब भी विधायक थे और अभी विधायक हैं.

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