शनिवार, 16 नवंबर 2019

सैकड़ों नर्मदा डूब प्रभावित पहुंचे भोपाल

 प्रशासन ने रोका, किया हंगामा
नर्मदा बचाओ आंदोलन के नेतृत्व में आज सैकड़ों डूब प्रभावित मेधा पाटकर के नेतृत्व में राजधानी भोपाल पहुंचे. डूब प्रभावितों को जब रोका गया तो वे धरने पर बैठे और प्रदर्शन शुरु कर दिया. इसके बाद प्रशासन ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यालय तक जाने की अनुमति दी. बाद में रैली के रुप में ये विस्थापित कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया.
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर के नेतृत्व में आज नर्मदा के डूब प्रभावित सैकड़ों की संख्या में राजधानी भोपाल पहुंचे. डूब प्रभावितों को पहले तो प्रशासन ने यादगारे शाहजहानी पार्क में रोक लिया,मगर जब वे यहां धरने पर बैठकर हंगामा करने लगे तो मशक्कत के बाद प्रशासन ने उन्हें नर्मदा घाटी प्राधिकरण के कार्यालय जाने की अनुमति दी. यहां से ये डूब प्रभावित रैली की रुप में प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचे, यहां पर जमकर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया. बाद में मेधा पाटकर के नेतृत्व में एक दल  अपर मुख्य सचिव गोपाल रेड्डी से मिला. 
विस्थापितों के साथ आए डा. सुनीलम ने कहा कि नर्मदा घाटी के सैकड़ों किसान, मजदूर, मछुआरे, केवट और दुकानदार है. हजारों लोगों के घर डूब गए, गांव डूब गए. कमलनाथ सरकार  ने वादा किया, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही है. जब तक कि सभी विस्थापितों का पुनर्वास तक नहीं हो जाता है, उन्हें राहत बंद नहीं की जा सकती है.
विस्थापितों का संपूर्ण पुनर्वास हो
मेधा पाटकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ वादे कर चुके हैं, इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की रिव्यू कमेटी बनाने की जो बात कही है. उस पर अमल किया जाए, उस कमेटी की बैठक होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 32 हजार परिवार डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, इन सभी विस्थापितों का संपूर्ण पुनर्वास किया जाए.

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