मंगलवार, 19 नवंबर 2019

भाजपा ने लगाई केविएट, सरकार ने विशेष अनुमति याचिका


मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले भाजपा और कांग्रेस में जंग तेज हो गई है. भाजपा के प्रहलाद लोधी की सदस्यता को लेकर भाजपा लगातार जद्दोजहद कर रही है. सरकार ने अब हाईकोर्ट द्वारा प्रहलाद लोधी को दिए स्टे के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई है. वहीं भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट लगा दी है.
पवई से भाजपा के विधायक रहे प्रहलाद लोधी की सदस्यता को लेकर भाजपा और सरकार आमने-सामने हो गए हैं. लोधी को हाईकोर्ट द्वारा स्टे मिला है, इसके बाद भी विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति द्वारा उनकी सदस्यता को लेकर कोई फैसला नहीं दिए जाने के बाद अब भाजपा ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केविएट लगा दी है. कैविएट दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट भाजपा का भी पक्ष सुनेगी. इसके पूर्व भाजपा नेताओं ने राज्यपाल लालजी टंडन से दो बार इस मामले को लेकर मुलाकात कर लोधी की सदस्यता वापस लेने की बात कही थी. राज्यपाल ने भी इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से राय मांगी है. मगर मामला तब और गर्मा गया, जब सरकार ने इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर दी है. सरकार द्वारा लगाई गई याचिका में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए स्टे को निरस्त करते हुए विशेष अदालत के फैसले को यथावत रखने की मांग की है. राज्य सरकार की ओर से सरकार के महाधिवक्ता शशांक शेखर ने यह याचिका लगाई है. याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही  शीतकालीन सत्र से पहले फैसला आ जाने की उम्मीद लगाए हुए हैं.
यह है मामला
तहसीलदार से पिटाई के एक पुराने मामले में प्रहलाद लोधी को स्पेशल कोर्ट ने दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी. जिसके बाद मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने सदन में एक पद रिक्त होने की सूचना चुनाव आयोग को भेज दी थी और विधानसभा से प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द हो गई थी, जिसके बाद प्रहलाद लोधी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद कोर्ट ने उनको राहत दी.  कोर्ट ने सजा पर 7 जनवरी 2020 तक लिए रोक लगा दी है.

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