किसानों को लेकर भाजपा ने आज प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन किया. भाजपा ने बिजली बिल और किसानों को मुआवजा न देने के लिए राज्य की कमलनाथ सरकार को जमकर कोसा. प्रदर्शन के दौरान भाजपा ने कई स्थानों पर बिजली बिल भी जलाए.
राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में आज भाजपा ने किसानों को ऋण माफी, मुआवजा और बिजली बिल सहित अन्य मांगों के विरोध में आज किसान आंदोलन के तहत प्रदर्शन किया. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग स्थानों पर आंदोलन की कमान संभाली. भाजपा के किसान आंदोलन के दौरान बिजली के भारी भरकम बिल आने पर बिलों की होली जलाई गई और कर्जमाफी तथा बाढ़ राहत का मुआवजा नहीं मिलने पर कमलनाथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई. कई जिलों में धारा 144 लागू होने के बावजूद भाजपा नेताओं ने सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन में हिस्सेदारी की. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रीवा में प्रदर्शन का नेतृत्व करने पहुंचे. वहां उन्होंने पहले कर्जमाफी का फायदा नहीं मिलने और फसल खराब होने के कारण आत्महत्या कर लेने वाले किसान वंशपति साहू के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी. इसके बाद शिवराज गांव की खराब फसलों को देखने खेतों में गए. फिर रीवा आकर प्रदर्शन का नेतृत्व किया. उन्होंने कांग्रेस को झूठा बताया और कहा कि कांग्रेस ने किसानों से कर्ज माफी का वादा किया और उसे पूरा नहीं किया.हमारा किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहा है. कर्ज माफ करना होगा नहीं तो जनता सड़कों पर लड़ाई लड़ेगी.
वहीं नरसिंहपुर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए जो भी कहा, उसे पूरा नहीं किया. आपदा और अन्य कारणों के नाम पर राज्य सरकार और राशि मांग रही है, जबकि केंद्र से पहले ही इसके लिए राशि मिल चुकी है. कमलनाथ सरकार ने न तो कर्ज माफ किया. न राहत राशि दी और न ही बिजली बिल हाफ किया है.
कांग्रेस सरकार अल्पमत की थी, है और रहेगी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मीडिया से बात करते कांग्रेस सरकार पर करारा प्रहार किया है. उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस सरकार को अल्पमत की सरकार कहकर संबोधित किया. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को वीर पुरुष बताया. उन्होंने कहा कि तीन साल पहले जब सूखा पड़ा था तब उन्होंने 3800 करोड़ मध्यप्रदेश के कोटे से बांटे थे. कांग्रेसी बोलते थे कि हम वीर हैं, अब कहां गए वो वीर. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों को अब तक एक रुपए की राहत राशि नहीं मिली है और न ही बेरोजगारी भत्ता मिला है. कांग्रेस की सरकार अल्पमत की सरकार थी, है और रहेगी. सरकार को चुनौती है कि अभी चुनाव करवा लो 230 में से 30 सीट भी कांग्रेस की आ जाएंं तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा.
केन्द्र के खिलाफ धरने पर बैठी कांग्रेस
भाजपा के किसान आंदोलन के विरोध में किसानों को लेकर आज कांग्रेस ने भी प्रदेशव्यापी धरना दिया. कांग्रेस नेताओं ने जिला मुख्यालयों पर धरना देकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और केन्द्र सरकार पर जमकर प्रहार किया. राजधानी भोपाल में कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर केन्द्र से जल्द राहत राशि देने की मांग की.
राजधानी भोपाल में सहित पूरे प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आज अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावितों को राहत राशि देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राशि उपलब्ध नहीं कराए जो के विरोध में आज धरना दिया गया. राजधानी भोपाल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश मिश्रा और ग्रामीण जिला अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कार्यालय जवाहर भवन के बाहर धरना दिया. इसके बाद दोपहर में सभी ने राजभवन जाकर राष्टÑपति के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि अतिवृष्टि से प्रदेश भर में हुए नुकसान के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से पैसा मांगा है, लेकिन केंद्र सरकार ने भेदभाव करते हुए अब तक एक पैसा भी नहीं दिया है, जबकि कर्नाटक और बिहार को यह राशि दे दी गई है. प्रदेश के साथ पक्षपात पूर्ण रवैये से यहां के किसानों और अतिवृष्टि से प्रभातिव हुए लोगों को पूरी तरह से राहत नहीं मिल पा रही है. राजधानी के अलावा पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस नेताओं ने धरना देने के बाद कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा.
भाजपा राजनीति के लिए कर रही आंदोलन
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा पूरे प्रदेश में घड़ियाली आंसू बहा रही है. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछा कि आखिर आपके 15 साल के कार्यकाल में किसानों का इतना कर्ज कैसे हुआ, किसान इतना परेशान क्यों हुआ. पहले शिवराज सिंह को यह बात जनता बतानी होगी. उन्होंने कहा कि आपके ही कृषि मंत्री ने कहा था कि उनके पास किसानों के कर्जा माफी के लिए कोई योजना नहीं है. मंदसौर में आपकी सरकार ने 6 किसानो को मरवा डाला. 15 सौ किसानों ने आत्महत्या की आपके कार्यकाल में हुई इसका जवाब पहले दें. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ भेदभाव किया है. हम किसानों की लड़ाई दिल्ली तक जाकर लड़ेंगे. पटवारी ने कहा कि प्रदेश का किसान जागरुक है, वह आगे भी आपको सबक सीखाता रहेगा.
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