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| लालजी टंडन |
मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने प्रहलाद लोधी के मामले में चुनाव आयोग से सलाह मांगी है. राज्यपाल ने इस मामले में पहले विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को बुलाया था, मगर वे व्यस्तता के चलते राज्यपाल से नहीं मिल सके थे.
पवई से भाजपा विधायक रहे प्रहलाद लोधी की सदस्यता मामले में राज्यपाल लालजी टंडन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर सलाह मांगी है. जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन वे मिलने नहीं पहुंचे. इसके पीछे स्पीकर ने व्यस्त होने और बाहर होने का हवाला दिया है. गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में इस मामले में सियासी तनातनी बनी हुई है. भाजपा ने इसे कांग्रेस सरकार का राजनीतिक षड़यंत्र करार दिया है. इसके पहले बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन भी सौंपा था.
सतर्क हुआ विधानसभा सचिवालय
प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता खत्म होने के मामले में आई कानूनी पेचीदगी के बाद विधानसभा सचिवालय भी सतर्क हुआ है. सचिवालय ने विधानसभा में विधि शाखा खोलने का फैसला किया है. राजभवन की तर्ज पर विधानसभा में ला आफीसर के पद पर रिटायर्ड जस्टिस की नियुक्ति की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि विधि विशेषज्ञ न होने के कारण काम में देरी होती है. कुछ मामलों में तो स्पीकर या सचिवालय को तत्काल कानूनी राय चाहिए होती है, इसके लिए राज्य सरकार के विधि विभाग या महाधिवक्ता की राय ली जाती है. विधानसभा सचिवालय ने लोधी के मामले में भी कानूनी राय ली थी.
यह है मामला
तहसीलदार से पिटाई के मामले में प्रहलाद लोधी को राजधानी की विशेष अदालत ने दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने सदन में एक पद रिक्त होने की सूचना चुनाव आयोग को भेज दी थी और विधानसभा से प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द हो गई थी. जिसके बाद प्रहलाद लोधी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिसके बाद कोर्ट ने उनको राहत दी . कोर्ट ने सजा पर 7 जनवरी 2020 तक लिए रोक लगा दी है.

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