बुधवार, 20 नवंबर 2019

विधायकों की सूची से लोधी का हटाया नाम, सुविधाएं रोकी

विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले मुसीबत में भाजपा

मध्यप्रदेश में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले भाजपा को एक और झटका लगा है. भाजपा के लिए यह मुसीबत बन गई है कि अदालत की शरण में जाने के बाद भी वह प्रहलाद लोधी की विधायक की सदस्यता को बरकरार नहीं रख पा रही है. विधानसभा सचिवालय ने लोधी को न तो सत्र की सूचना भेजी है और न ही उन्हें विधानसभा में सवाल पूछने की अनुमति ही दी है. लोधी को विधायक के रुप में मिलने वाली सभी सुविधाएं विधानसभा सचिवालय ने रोक दी है.
 हाईकोर्ट ने प्रहलाद लोधी की सजा पर भले ही रोक लगा दी है, लेकिन उन्हें राहत मिलती नजर नहीं आ रही. विधानसभा के शीतकालीन सत्र की सूची से विधानसभा सचिवालय ने प्रहलाद लोधी का नाम हटा दिया है.  इसके अलावा सचिवालय ने उन्हें शीतकालीन सत्र की अधिसूचना भी नहीं भेजी है. अब उनके वेतन भत्ते अन्य सुविधाएं बंद किए जाने की तैयारी है. लोधी का अकाउंट ब्लाक कर दिया है.अब वो आनलाइन सवाल भी नहीं पूछ सकेंगे, उनके लिखित सवाल भी मान्य नहीं होंगे. इसके अलावा सभी सुविधाएं भी प्रहलाद लोधी से छीनी जाएंगी. वेतन भत्ते पर रोक लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं. विधानसभा सचिवालय ने इनका वेतन जारी नहीं करने के निर्देश संंबंधितों को दिए हैं. 
यहां उल्लेखनीय है कि राजधानी की विशेष अदालत ने पवई से विधायक रहे प्रहलाद लोधी को दो साल की सजा सुनाई थी, इसके बाद से विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी और इसकी सूचना भी चुनाव आयोग को दे दी थी. लोधी की सदस्यता को लेकर भाजपा ने दो बार राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर विधानसभा अध्यक्ष से लोधी की सदस्यता पर विचार करने को कहा, साथ ही हाईकोर्ट से मिले स्टे की जानकारी भी दी. इसके बाद राज्यपाल ने चुनाव आयोग से सलाह भी मांगी, मगर अब तक मामला खत्म नहीं हुआ, बल्कि अब और गर्मा गया है. एक ओर प्रहलाद लोधी सुप्रीम कोर्ट चले गए हैं, वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. लोधी ने केविएट दायर की है, तो सरकार ने लोधी को दिए स्टे के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका लगाई है.
वहीं इस मामले को लेकर भाजपा के विरष्ठ नेता और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि प्रहलाद लोधी अब भी विधायक हैं और कैविएट इसलिए दायर किया गया है कि कोर्ट में उनका भी पक्ष सुना जाए. दूसरी तरफ कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता की मानें तो भाजपा को डरने की जरूरत नहीं है सुप्रीम कोर्ट जो फैसला करेगा उस पर आगे काम होगा.
कांग्रेस ने विधायकों को किया सतर्क
शीतकालीन सत्र में भाजपा द्वारा सरकार को घेरने की जिस तरह से तैयारी की जा रही है, उसे देखते हुए कांग्रेस अने भी अपने विधायकों को सतर्क कर दिया है. कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को सतर्क किया है कि वे सदन की कार्यवाही के दौरान पूरे समय उपस्थित रहें. इसके अलावा भाजपा के पिछले कार्यकाल की गड़बड़ियों और घोटालों को लेकर भाजपा को घेरने का पूरा प्रयास करें. विधायकों को कहा गया है कि सरकार द्वारा एक साल में जो कार्य किए गए, उन कार्यों की जानकारी उन्हें होनी चाहिए.सरकार द्वारा जनहित में एक साल के दौरान लिए गए फैसले भी मुंहजवानी याद होने चाहिए.

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