
मुख्यमंत्री कमल नाथ आज गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर हमीदिया रोड स्थित नानकसर गुरुद्वारा पहुंचे. नाथ ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और देश-प्रदेश की समृद्धि एवं सर्वधर्म समभाव की अरदास की.
मुख्यमंत्री कमलनाथ का इस मौके पर हमीदिया रोड गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरुदेव सिंह ने शाल भेंट कर उनका सम्मान किया. इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार परमवीर सिंह वजीर ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया. इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के सचिव अमरीक सिंह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा गुरूनानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब गुरूनानक देव के प्रकटोत्सव पर प्रदेश के सभी शासकीय भवनों में रोशनी की जा रही है. मुख्यमंत्री के इस निर्णय पर भी प्रसन्नता व्यक्त की गई कि जबलपुर में गुरूनानक देव की स्मृति में 20 करोड़ की लागत से संग्रहालय एवं शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है. साथ ही सिख समाज के लिये निरंतर लिये जा रहे निर्णयों व कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री जी का सिख समाज की ओर से इस अवसर पर आभार भी माना गया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिख समाज एवं अन्य समाजों के नागरिक उपस्थित थे.
जनसंपर्क मंत्री ने दी बधाई
जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर गुरुनानक के योगदान का स्मरण करते हुए सिख भाइयों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी दार्शनिक, समाज सुधारक, कवि, गृहस्थ और योगी थे. उनकी शिक्षा और विचार सभी को ईमानदार और सदाचारी बनना सिखाते हैं. गुरु नानक जी का सार्वभौमिक संदेश सभी मानव जाति को एक मानो अपने आप में महत्वपूर्ण है. मंत्री शर्मा ने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षा का पालन करते हुए सिख समुदाय मानवता की सेवा में अपना योगदान दे रहा है.
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